उफनते समुद्र के बीच लहरों की जिद और भारतीय सेना की तीन महिला अधिकारियों के साहस, आत्मविश्वास, सूझबूझ और धैर्य के बीच चले 254 दिन के मुकाबले में तीन महासागर, चार महाद्वीप और पांच देशों की साहसिक यात्रा पूरी हुई। इस सफर में एक वक्त ऐसा भी आया जब तीनों अधिकारियों को पीने के पानी के लिए बूंद-बूंद को तरसना पड़ता था और समुद्र के बीच प्यास लगने पर बारिश का इंतजार करना पड़ता था।
लेफ्टिनेंट कमांडर वर्तिका जोशी के नेतृत्व में इस दल में लेफ्टिनेंट कमांडर प्रतिभा जामवाल, पी स्वाति और लेफ्टिनेंट ए विजया देवी, बी ऐश्वर्य तथा पायल गुप्ता भी शामिल थीं।
'आईएनएसवी तारिणी भविष्य की पीढि़यों को ऐसे क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है, जिसमें महिलाओं की भागीदारी बहुत कम रही है। यह नारी शक्ति का अनुकरणीय साहसिक प्रदर्शन है।' - मेनका गांधी