यह वर्ष इसरो की तमाम कामयाबियों के लिए जाना जाएगा। इस साल इसरो ने 12 बड़ी कामयाबियां हासिल कीं। 12 जनवरी, 2018 को कार्टोसैट -2 भेजा गया, 14 नवंबर, 2018 को जीसैट-29 लांच किया गया। यह इसरो का सबसे भारी उपग्रह है। इसे भारत ने अपने ही रॉकेट जीएसएलवी मार्क-3 डी टू से भेजा। यह इसरो और देश के लिए बहुत बड़ी कामयाबी है।
यह रॉकेट आगे चलकर चंद्रयान-2 और मैन मिशन के लिए काम में लाया जाएगा। इससे भारत को भारी उपग्रह भेजने में आत्मनिर्भरता मिली है। 2022 से पहले भारत मिशन 'गगनयान' के तहत किसी भारतीय को अंतरिक्ष में भेजना चाहता है। इसरो ने इस वर्ष संचार, भू-प्रक्षेपण और नौवहन के क्षेत्र में कई बड़ी और साहसिक कामयाबियां हासिल की हैं।