पिछले वर्ष हॉलीवुड अभिनेत्री एलिसा मिलानो द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के शोषण और दमन के खिलाफ जो आवाज उठाई उसका नाम मीटू कैंपेन दिया गया। भारत में मीटू की चर्चा अभिनेत्री तनुश्री दत्ता द्वारा अभिनेता नाना पाटेकर पर लगाए आरोपों से शुरू हुई। बॉलीवुड के बाद मीटू का असर राजनीति और खेल सहित समाज के तमाम हिस्सों तक पहुंचा। केंद्र सरकार में राज्यमंत्री रहे एमजे अकबर को पत्रकार प्रिया रमानी सहित कई महिलाओं द्वारा आरोप लगाने के बाद इस्तीफा देना पड़ा। भारत में इस अभियान की यह सबसे बड़ी कामयाबी मानी गई।
'महिलाओं के खिलाफ अपराधों के आंकड़े बहस का मुद्दा बन जाते हैं... जरूरत बहस से ज्यादा सोच के बदलाव की है।' -पेगी ओरेंस्टीन