कभी जापान के सिर के ऊपर से मिसाइल परीक्षण करना, तो कभी अमेरिका को परमाणु हमले की धमकी देना। उत्तर कोरिया लंबे समय से अमेरिका के खिलाफ आक्रोशित रहा है। लेकिन पिछले एक-दो वर्षों में हालात काफी ज्यादा तनावभरे हो गए थे। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने साहस दिखाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग-उन की मुलाकात को मुकम्मल बनाया।
50 मिनट की इस बैठक का नतीजा यह निकला कि अमेरिका ने उत्तर कोरिया को सुरक्षा गारंटी देने का वादा किया है। वहीं किम ने परमाणु निरस्त्रीकरण और मिसाइल लांचपैड नष्ट करने का वादा किया। इस मुलाकात से दुनिया में शांति और समृद्धि में योगदान मिलेगा।
'हालांकि मैं इस बात पर दृढ़ हूं कि जापान को उत्तर कोरिया से खुद ही निपटना होगा। लेकिन अमेरिकी प्रशासन और खासतौर पर राष्ट्रपति ट्रंप के शुक्रगुजार हैं कि यह कदम उठाया गया।' -शिंजो आबे