नर्मदा नदी के साधु बेट टापू पर बना देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल का स्मारक 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' देश के लिए गौरव की बात है। यह सरदार पटेल के अद्वितीय साहस का प्रतीक है, जिसकी बदौलत बिना खून-खराबे टुकड़ों में बंटा देश एकजुट हुआ।
2013 में इस प्रतिमा का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ था। 182 मीटर ऊंची सरदार पटेल की यह प्रतिमा दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है। आधार सहित इसकी कुल ऊंचाई 240 मीटर (790 फीट) है। यह प्रतिमा अमेरिका के स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से भी ऊंची है।
स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी के निर्माण में 2979 करोड़ रुपये खर्च हुए, जिसमें से अधिकांश पैसा गुजरात सरकार ने दिया है। इसे लार्सन एंड टर्बो व सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड ने मिलकर तैयार किया है। प्रतिमा के निर्माण में करीब 24000 टन स्टील का इस्तेमाल किया गया है। 18 हजार 500 टन स्टील नींव में और 6 हजार 500 टन स्टील मूर्ति के ढांचे में इस्तेमाल किया गया है।