अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल की एक अलग सेल में रखा गया है। जेल में ही उसके सबसे करीबी पपलप्रीत और चाचा हरजीत सिंह समेत नौ साथी बंद हैं, लेकिन मुलाकात की इजाजत नहीं है।
असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल से मंगलवार को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के अधिकारियों ने पूछताछ की। डिब्रूगढ़ जेल के सूत्र के मुताबिक, आईबी के अधिकारी मंगलवार सुबह अमृतपाल की सेल में पहुंचे। इस दौरान उससे विदेशी फंडिंग और खालिस्तान समर्थकों से संबंधों के बारे में पूछताछ की गई। देर शाम तक अधिकारी विशेष सेल में ही मौजूद थे। फिलहाल असम पुलिस इस बारे में चुप्पी साधे हुए है।
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अमृतपाल को डिब्रूगढ़ जेल की एक अलग सेल में रखा गया है। जेल में ही उसके सबसे करीबी पपलप्रीत और चाचा हरजीत सिंह समेत नौ साथी बंद हैं, लेकिन मुलाकात की इजाजत नहीं है।
असम पुलिस के महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार भुइयां ने बताया कि आईबी और रॉ समेत सभी केंद्रीय जांच एजेंसियों के अधिकारी राज्य में तैनात हैं, इसलिए, यह आवश्यक नहीं है कि किसी कैदी से पूछताछ करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी से किसी को आना पड़े। हालांकि, उन्होंने अमृतपाल से पूछताछ पर टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
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सबूतों के आधार पर एनएसए के तहत की गई कार्रवाई : चंडीगढ़। राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) की एडवाइजरी बोर्ड की बैठक में अमृतपाल और उसके साथियों पर हुई कार्रवाई के बारे में अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर और एसएसपी ग्रामीण ने अपने बयान दर्ज कराए। इसमें दोनों अधिकारियों ने एडवाइजरी बोर्ड के चेयरमैन न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) शबीहुल हसनैन के समक्ष बताया कि आरोपियों के खिलाफ तथ्यों और सबूतों के आधार पर एनएसए के तहत कार्रवाई की गई है। ब्यूरो