उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीति निकट भविष्य में नई करवट लेने वाली है। मझोले, लघु व सूक्ष्म (एमएसएमई) मंत्रालय में सचिव रहे गुजरात कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और पीएम नरेंद्र मोदी के करीबी अरविंद कुमार शर्मा को योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी दिए जाने पर मुहर लग गई है।
विधानसभा चुनाव में दलित मतदाताओं को साधने के लिए पार्टी इस बिरादरी से डिप्टी सीएम बनाने पर भी मंथन कर रही है। अगले एक या दो हफ्ते में इस पर फैसला हो जाएगा।
पीएम मोदी के सीएम रहते गुजरात मुख्यमंत्री कार्यालय में अहम जिम्मेदारी के बाद पीएमओ में भी अहम जिम्मेदारी संभाल चुके आईएएस शर्मा ने सोमवार को अचानक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली जबकि एमएसएमई सचिव के तौर पर उनका दो साल का कार्यकाल अभी बाकी था।
सूत्रों ने बताया कि इस्तीफे का कारण उन्हें योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपा जाना है। शर्मा जल्द ही भाजपा में शामिल होंगे।
सीएम-पीएम से मुलाकात में ही तय हो गई थी जिम्मेदारी
सूत्रों के मुताबिक, शर्मा पीएम मोदी की खास पसंद हैं। बीते हफ्ते राज्य के सीएम की पीएम से हुई मुलाकात के दौरान ही उनको योगी सरकार में अहम जिम्मेदारी देना तय हो गया था। इसी बैठक के बाद शर्मा ने वीआरएस ले लिया। पीएम मोदी को लो प्रोफाइल के अधिकारी पसंद हैं। इस खांचे में मऊ निवासी शर्मा पूरी तरह से फिट बैठते हैं।
तीसरे डिप्टी सीएम पर भी चर्चा
भविष्य में होने वाले बदलाव में उत्तर प्रदेश को तीसरा डिप्टी सीएम भी मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक यूपी में बीते लोकसभा चुनाव में गैर-जाटवों को छोड़कर दलित वर्ग से जुड़ी अन्य जातियों का भाजपा को बड़ा समर्थन मिला था।
आगामी चुनाव में पूरी दलित बिरादरी को साधने के लिए पार्टी इस बिरादरी से डिप्टी सीएम बनाने पर विचार कर रही है। योगी सरकार में दूसरे मंत्रिमंडल विस्तार में बड़ा फेरबदल होने वाला है। सूत्रों का कहना है कि इसमें एक या दोनों डिप्टी सीएम को कुर्सी गंवानी पड़ सकती है या तीसरे डिप्टी सीएम भी हो सकता है।