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IAF : असम में चीन सीमा के समीप महिला पायलटों ने भरी हुंकार, उड़ाए एसयू-30 लड़ाकू विमान

Tue, 27 Sep 2022 09:37 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तेजपुर

सार

वायुसेना असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी अभ्यास उड़ानों का संचालन करती है। असम व उत्तर पूर्व के अन्य दुर्गम इलाकों में उड़ान भरने में अलग-अलग चुनौतियां होती हैं। उत्तरपूर्वी हिस्से में उड़ान भरने के लिए इलाके और मौसम की बड़ी चुनौतियां हैं। 

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Flight Lt Tejaswi, at Tezpur forward air base, close to China border - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश की रक्षा में अब वायुसेना की महिला पायलट भी पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार हैं। आज फ्लाइट लेफ्टिनेंट तेजस्वी और श्रेय वाजपेयी समेत तमाम जांबाज पायलट ने असम के तेजपुर में चीन के समीप अग्रिम चौकियों पर एसयू-30 लड़ाकू विमान उड़ाकर अपने हौसलों व हर चुनौती से निपटने में सक्षम होने की हुंकार भरी। 

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तेजस्वी ने असम के तेजपुर स्थित पूर्वी सेक्टर के फॉरवर्ड एयर बेस से उड़ान भरने के बाद यह बात कही। तेजस्वी देश की एकमात्र महिला पायलट हैं, जो एसयू-30 विमानों की हथियार प्रणाली का संचालन करने में सक्षम हैं। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इससे पहले भी जांबाज महिलाएं रही हैं,  जिन्होंने हमारे सपनों को पूरा करने का रास्ता साफ किया है। देश के पूर्वी क्षेत्र में हमारे जांबाज पायलट किसी भी हरकत का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वायुसेना में महिलाओं व पुरुषों के लिए समान रूप से प्रशिक्षण दिया जाता है। वे कड़े अभ्यास और तैयारियों से गुजरते हैं। हम हमेशा किसी भी तरह के कार्यों और चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। 


फ्लाइट लेफ्टिनेंट श्रेय वाजपेयी ने कहा कि वायुसेना असम समेत देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी अभ्यास उड़ानों का संचालन करती है। असम व उत्तर पूर्व के अन्य दुर्गम इलाकों में उड़ान भरने में अलग-अलग चुनौतियां होती हैं। उत्तरपूर्वी हिस्से में उड़ान भरने के लिए इलाके और मौसम की बड़ी चुनौतियां हैं। 

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वायुसेना के एएलएच मार्क-3 हेलीकॉप्टरों की फ्लाइट लेफ्टिनेंट एनी अवस्थी और ए नैन भी असम और अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न सेक्टरों में बड़े पैमाने पर उड़ान भरीं। उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात सेना के मेंटेनेंस और मदद के कामों मे हिस्सा लिया। 

सुखाई बेड़े को बनाया गया अत्याधुनिक
एसयू-30 यानी सुखोई लड़ाकू विमानों को तेजपुर में तैनात किया गया है। चीन से बढ़ते सीमा विवाद के बीच इन विमानों को नए हथियारों और इलेक्ट्रॉनिक वार प्रणालियों से लैस करते हुए और घातक बना दिया गया है।

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