वायुसेना ने हल्के लड़ाकू विमान मार्क1ए के चार स्क्वाड्रन तैयार करने के लिए विमानों की खरीद का आदेश दे दिया है। साथ ही उसने आधुनिक मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के सात स्क्वाड्रन तैयार करने की भी प्रतिबद्धता जताई है।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने सोमवार को कहा कि वायुसेना ने स्वदेश निर्मित हल्के लड़ाकू विमान मार्क2 के छह स्क्वाड्रन तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि यह विमान अभी विकास के चरण में है और इसके उत्पादन के चरण में पहुंचने पर वायुसेना इसकी खरीद का आदेश देगी। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन शुरू होने पर सेना स्क्वाड्रन की संख्या बढ़ाने पर भी विचार कर सकती है।
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वायुसेना ने हल्के लड़ाकू विमान मार्क1ए के चार स्क्वाड्रन तैयार करने के लिए विमानों की खरीद का आदेश दे दिया है। साथ ही उसने आधुनिक मध्यम लड़ाकू विमान (एएमसीए) के सात स्क्वाड्रन तैयार करने की भी प्रतिबद्धता जताई है। यह विमान भी तेज गति से विकसित किया जा रहा है। यह सभी पूर्णत: भारत निर्मित विमान होंगे। एलसीए मार्क2 वायुसेना में मिराज 2000 और जगुआर लड़ाकू विमानों को चरणबद्ध तरीके से बाहर करेंगे।
मेक इन इंडिया के तहत काम
चौधरी ने कहा कि वायुसेना अब सिर्फ मेक इन इंडिया योजना के तहत बने विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है। इसमें एलसीए मार्क 1ए, मार्क2 और एएमसीए के अलावा 114 बहुद्देश्यीय लड़ाकू विमान शामिल हैं। वायुसेना ने यह भी तय किया है कि भविष्य में इसकी सतह से हवा में मार करने वाली सभी प्रणालियां स्वदेश निर्मित होंगी। भारत निर्मित रडारों को बड़ी संख्या में सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात भी किया गया है।