भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को ब्रह्मोस एयर-लॉन्च मिसाइल के उन्नत संस्करण का सफल परीक्षण किया। यह करीब 400 किमी की रेंज में किसी भी लक्ष्य को मार गिराने में सक्षम है। रक्षा अधिकारी ने गुरुवार को बताया कि सुखोई एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से मिसाइल का परीक्षण किया गया।
उन्होंने बताया कि एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से मिसाइल को दागा गया और इसने बंगाल की खाड़ी में सटीक लक्ष्य पर प्रहार किया। अधिकारी ने कहा कि यह मिसाइल के एयर-लॉन्च के एंटी-शिप संस्करण का परीक्षण था।
रणनीतिक रूप से और मजबूत हुई वायुसेना
सरकारी बयान में कहा गया है कि इस परीक्षण के साथ वायुसेना ने एसयू-30 एमकेआई लड़ाकू विमान से लंबी दूरी पर जमीन या समुद्री लक्ष्य पर सटीक हमले करने में महत्वपूर्ण क्षमता वृद्धि हासिल की है। सरकार के मुताबिक, SU-30MKI विमान के उच्च प्रदर्शन के साथ मिसाइल की लंबी रेंज क्षमता वायुसेना को रणनीतिक रूप से मजबूत करेगी और भविष्य में युद्ध की स्थिति में दुश्मन देश पर हमला करने में अधिक प्रभावी होगी। बयान में कहा गया है कि भारतीय वायुसेना, भारतीय नौसेना, रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ), बीएपीएल और एचएएल के समर्पित प्रयासों ने इस उपलब्धि को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पहला परीक्षण 2017 में किया गया था
बता दें, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के एयर लॉन्च संस्करण का हाल के दिनों में कई बार परीक्षण किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक नया संस्करण, पहले संस्करण की (लगभग 290 किलोमीटर) की तुलना में लगभग 400 किलोमीटर की रेंज में किसी भी लक्ष्य को भेद सकता है। ब्रह्मोस एयर लॉन्च मिसाइल के शुरुआती संस्करण का पहला परीक्षण 2017 में किया गया था, इससे स्टैंड-ऑफ रेंज से भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। स्टैंड-ऑफ रेंज मिसाइलें रक्षात्मक रूप से पर्याप्त दूरी से लॉन्च की जाती हैं।
ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान पर तैनात किया जाने वाला सबसे भारी हथियार है, जिसे इन हथियार प्रणालियों को ले जाने के लिए एचएएल (हिन्दुस्तान ऐरोनॉटिक्स लिमिटेड) द्वारा उन्नत तरीके से विकसित किया गया है।