वायुसेना प्रमुख अरूप राहा का कहना है सेना प्रमुख को चुनने में वरिष्ठता के सिद्धांत में गुण के साथ दोष भी हैं। उन्होंने कहा कि अब जब निर्णय ले लिया गया है तो सभी को नामित सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत का हाथ मजबूत करना चाहिए। रावत दो अधिकारियों की वरिष्ठता को दरकिनार कर सेना प्रमुख नामित किए गए हैं।
मौजूदा प्रमुखों में सबसे वरिष्ठ और चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी के चेयरमैन राहा ने कहा कि पिछली सरकारों ने भी मेरिट या अपने विचारों के आधार पर वरिष्ठता को नजरअंदाज कर प्रमुखों का चयन किया है। प्रत्येक सिद्धांत के अपने गुण दोष होते हैं। राहा के व्यक्तिगत विचार के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि इसका अब कोई मायने नहीं हैं।
राहा ने लंबी दूरी की परमाणु हथियार दागने में सक्षम अग्नि-5 मिसाइल के परीक्षण पर चीन की प्रतिक्रिया को नजरअंदाज करते हुए कहा कि भारत को अपनी अवरोधक क्षमता निर्माण के लिए कार्य करते करना चाहिए। अग्नि-5 मिसाइल के प्रक्षेपण पर चीन के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई थी कि भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद् के नियमों का पालन करेगा और दक्षिण एशिया के रणनीतिक संतुलन को बनाए रखेगा।