सिप्री की रिपोर्ट का भी किया जिक्र
एयर चीफ मार्शल चौधरी ने सिप्री की हालिया रिपोर्ट का भी जिक्र किया। इसके मुताबिक भारत 2019-2023 के बीच दुनिया में हथियारों का सबसे बड़ा आयातक था। इसमें 2014-2018 की पिछली अवधि की तुलना में आयात में 4.7 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई। उन्होंने कहा, ‘‘भारत को रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता है, जिसमें तकनीकी नवाचार, संरचनात्मक सुधार और रणनीतिक योजना का संयोजन हो।’’
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में इस बात पर चर्चा की जाएगी कि भारत आज की अनिश्चितताओं से भरी दुनिया में किस तरह स्थिरता लाने वाली ताकत बन सकता है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, ‘‘वीयूसीए दुनिया एक नए प्रतिमान का प्रतिनिधित्व करती है, अस्थिरता, अनिश्चितता, जटिलता और अस्पष्टता हर स्तर पर निर्णय लेने को आकार देगी। चाहे वह भूराजनीतिक हो, आधुनिक युद्ध हो या व्यवसायिक, ‘वीयूसीए’ दुनिया में सफलता के लिए दक्षता, लचीलापन, सहयोग और अनिश्चितताओं को स्वीकार करने की तत्परता की आवश्यकता होगी।’’
वायुसेना प्रमुख ने कुछ ऐसी जरूरतों का भी जिक्र किया जो कि मजबूत रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हमें घरेलू अनुसंधान और विकास को मजबूत करना चाहिए, विशेषज्ञता में कमी को पूरा करने के लिए नवाचार को बढ़ाने के लिए सार्वजनिक निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना चाहिए।’’