उन्होंने बताया कि इस ब्रांच में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों के चयन के लिए एएफसीएटी परीक्षा कुछ सप्ताह पहले आयोजित की गई थी। करीब 33 अधिकारी कैडेट्स का पहला बैच अगले साल की शुरुआत में अकादमी में शामिल होगा। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि अगले साल के अंत में वेपन सिस्टम ब्रांच के अधिकारियों के रूप में कमीशन प्राप्त होगा।
चौधरी ने कहा, 155 महिला अग्निवीर वर्तमान में बेलगाम में भारतीय वायु सेना के प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण ले रही हैं। फाइटर ब्रांच में 17 महिला अधिकारी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिन पहले स्पेन में शामिल किया गया सी-295 परिवहन विमान आज किसी भी समय वडोदरा वायुसेना स्टेशन पर उतरेगा।
क्या है वेपन सिस्टम ब्रांच?
वायुसेना में अभी तक तीन ब्रांच का परिचालन होता है। ये तीन ब्रांच हैं- फ्लाइंग ब्रांच, टेक्निकल ब्रांच और ग्राउंड ड्यूटीज ब्रांच। आजादी के बाद यह पहली बार है कि वायुसेना में चौथी व एक नई परिचालन शाखा का गठन किया जा रहा है। यह ब्रांच विमानों में हथियार प्रणाली का संचालन करेगी। इस ब्रांच की चार सब स्ट्रीम बनाई गई हैं, जो फ्लाइंग, रिमोट, इंटेलीजेंस व सरफेस हैं।
इन सब स्ट्रीम में क्या होगा?
वेपन सिस्टम ब्रांच की फ्लाइंग स्ट्रीम ट्विन-सीट या मल्टी-क्रू एयरक्राफ्ट में सिस्टम ऑपरेटर शामिल होंगे। वहीं रिमोट स्ट्रीम पायलट रहित विमानों व ड्रोन के लिए होगा। इंटेलिजेंस सब-स्ट्रीम में इमेज खुफिया जानकारियों का विश्लेषण, इंफॉर्मेशन वारफेयर स्पेशलिस्ट और रिमोट-पायलट एयरक्राफ्ट और स्पेस-बेस्ड सिस्टम के लिए सिग्नल इंटेलिजेंस ऑपरेटर शामिल होंगे। इसी तरह सरफेस स्ट्रीम सतह से हवा में लक्षित हथियारों और सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के लिए कमांडरों और ऑपरेटरों को नियुक्त करेंगी।