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IAC Vikrant: पीएम मोदी दो सितंबर को नौसेना को सौपेंगे आईएसी विक्रांत, इन खूबियों से दुश्मनों के छुड़ाएगा छक्के

Mon, 22 Aug 2022 05:40 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोच्चि

सार

'विक्रांत' की डिलीवरी के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास स्वदेशी रूप से विमानवाहक पोत के डिजाइन और निर्माण की क्षमता है।
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आईएसी विक्रांत का ट्रायल (फाइल फोटो) - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 सितंबर को देश के पहले स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत (आईएसी) विक्रांत नौसेना को सौपेंगे। प्रधानमंत्री कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड (सीएसएल) के अंदर एक विशेष व्यवस्थित जगह पर भारतीय नौसेना में आधिकारिक तौर पर पोत को शामिल करेंगे, जिसने 20000 करोड़ रुपये में युद्धपोत का निर्माण किया है। पिछले महीने समुद्री परीक्षण के चौथे और अंतिम चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद भारतीय नौसेना ने 28 जुलाई को सीएसएल से पोत की डिलीवरी ली थी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।

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लड़ाकू विमानों के संचालन के लिए तैयार 
विमान वाहक पोत के लिए लड़ाकू विमानों को लाया गया है। यह मिग-29के लड़ाकू विमान, कामोव-31 हेलीकॉप्टर और एमएच-60आर बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर का संचालन करने के लिए तैयार है। 'विक्रांत' की आपूर्ति के साथ भारत उन चुनिंदा देशों के समूह में शामिल हो गया है, जिनके पास स्वदेशी रूप से विमानवाहक पोत के डिजाइन और निर्माण की क्षमता है। भारतीय नौसेना के इन-हाउस डायरेक्टरेट ऑफ नेवल डिजाइन (DND) द्वारा डिजाइन किया गए और सीएसएल द्वारा निर्मित इस पोत का नाम उसके शानदार पूर्ववर्ती भारत के पहले एयरक्राफ्ट कैरियर के नाम पर रखा गया है, जिसने 1971 के भारत-पाक युद्ध में अहम भूमिका निभाई थी।

इसमें 2300 से अधिक कंपार्टमेंट हैं, जिन्हें लगभग 1700 लोगों के दल के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें महिला अधिकारियों को समायोजित करने के लिए विशेष केबिन भी शामिल हैं। विक्रांत की शीर्ष गति लगभग 28 समुद्री मील है। आईएसी 262 मीटर लंबा, 62 मीटर चौड़ा और 59 मीटर ऊंचा है। इसका निर्माण 2009 में शुरू हुआ था। आईएसी का फ्लाइट डेक दो फुटबॉल मैदानों के बराबर है और इस बड़े जहाज के गलियारों से पर पैदल चला जाए तो आठ किलोमीटर की दूरी तय होगी। आईएसी के आठ बिजली जनरेटर कोच्चि शहर को रोशन करने के लिए पर्याप्त हैं और युद्धपोत में सभी सुविधाओं के साथ एक अत्याधुनिक अस्पताल परिसर भी है।

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