भाजपा के एमएलसी एम चिदानंद गौड़ा ने कहा कि अगर जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनते हैं, तो उन्हें खुशी होगी। गोड़ा ने यह बात तब कही जब उनके साथ मंच पर कुमारस्वामी और नजंवधूता स्वामीजी भी मौजूद थे।
तुमकुरु के हुलीकुंटे गांव में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गौड़ा ने कहा कि हमारे समुदाय (कुंचिटिगा) को भी केंद्र के साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में शामिल किया जाना चाहिए। अगर कुमारन्ना (एचडी कुमारस्वामी) अगले मुख्यमंत्री बनते हैं तो खुश होने वाला मैं पहला व्यक्ति रहूंगा। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो भी अगला मुख्यमंत्री बने वो उनके समुदाय को ओबीसी की सूची में शामिल करे।
इस महीने की शुरुआत में पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि जेडीएस सक्रिय रूप से चंद्रशेखर राव की पार्टी भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के साथ सहयोगी के रूप में काम करेगी और अगले लोकसभा व विधानसभा चुनाव एक साथ लड़ेगी।
बीआरएस को पहले तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के रूप में जाना जाता था। 5 अक्तूबर को कुमारस्वामी ने कहा था कि जेडीएस और टीआरएस शुरू से ही स्वभाविक सहयोगी रहे हैं लेकिन अब दोनों आपसी भरोसे के साथ काम कर रहे हैं।
कुमारस्वामी ने कहा था, हमारी पार्टी बीआरएस के राष्ट्रीय पार्टी के रूप में उभरने का स्वागत करती है। हम आने वाले दिनों में चंद्रशेखर राव के साथ काम करेंगे। 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव और 2024 के लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टियां मिलकर काम करेंगी। भाजपा-कांग्रेस मुक्त राजनीतिक माहौल वाले राज्यों में केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश शामिल हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पार्टियां कर्नाटक में अगले विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगी। कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य, राष्ट्रीय राजनीति में एक ताकत के रूप में उभरेगा। हम दोनों ने कर्नाटक में कन्नड़ लोगों की स्वाभिमानी सरकार लाने को लेकर चर्चा की है।
जेडीएस नेता ने कहा कि मजबूत नेतृत्व के साथ केसीआर तेलंगाना में लोगों को एक साथ लाई और तेलंगाना में उसने अपने प्रशासन के दौरान जनकल्याण के कार्यक्रमों को लागू किया। उन्होंने रायता बंधु और दलित बंधु जैसे क्रांतिकारी कार्यक्रमों को लागू किया और सरकारी कार्यक्रमों को हर नागरिक तक पहुंचाया। कर्नाटक में जेडीएस ने भी ऐसा ही किया। आने वाले दिनों में इस तरह के जनहितकारी कार्यक्रम कर्नाटक में भी लागू किए जाएंगे।
कुमारस्वामी ने आगे कहा, केसीआर ने दलितों, किसानों और आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों के कल्याण के लिए प्रभावी योजनाएं बनाई हैं। तेलंगाना में ऐसी कई योजनाएं लागू हैं। देश की संपत्ति कुछ हाथों में ही जमा नहीं होनी चाहिए, बल्कि समान रूप से वितरित की जानी चाहिए। वे इस उद्देश्य के साथ काम कर रहे हैं कि उस धन में आम आदमी का भी हिस्सा हो। उन्होंने कहा कि केसीआर ने अपने राज्य में किसानों, दलितों और कमजोरों को सशक्त बनाने के लिए काम किया है।
महंगे तोहफों से विवादों में घिरे कर्नाटक के मंत्री
उधर, कर्नाटक के पर्यटन मंत्री सीपी योगेश्वर ने अपने चुनावी क्षेत्र के निर्वाचित सदस्यों को महंगे उपहार देकर विवाद खड़ा कर दिया। पर्यटन मंत्री ने उहारों के दो सेट का वितरण किया, जिसमें एक नगर निगम के सदस्यों के लिए तो दूसरा ग्राम पंचायत के सदस्यों के लिए।
नगर निगम के सदस्यों को भेजे गए बॉक्स में एक लाख रुपये नकद, 144 ग्राम सोना, एक किलो चांदी, एक रेशम की साड़ी, एक धोती और सूखे मेवे का डिब्बा रखा गया था। वहीं ग्राम पंचायत के सदस्यों को तुलनात्मक रूप से कम नकद मिला और सोना नहीं मिला।
दिवाली के त्योहार के मौके पर मिठाई और उपहारों के आदान-प्रदान का चलन है। इस त्योहार को हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है। लोग पूजा-अनुष्ठान करते हैं, अपने घरों को दीयों, रंगोली और रोशनी से सजाते हैं। मिठाइयों और भोजन का आनंद लेते हैं, नए पारंपरिक परिधान पहनते हैं।
हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार भगवान राम रावण का वध करने और 14 साल वनवास में बिताने के बाद अयोध्या लौटे थे। लोग दीपों के इस त्योहार में देवताओं में लक्ष्मी, गणेश और कुबेर से स्वास्थ्य, धन और समृद्धि की कामना करते हैं।