कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि उन्होंन कांग्रेस के लिए 14 महीनों तक गुलाम की तरह काम किया है। कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार टूटने पर कुमारस्वामी ने कहा कि सभी विधायकों और निगम अध्यक्षों को भी पूरी स्वतंत्रता दी थी। पता नहीं वे मुझे दोष क्यों दे रहे हैं?
बता दें विश्वास मत हासिल नहीं कर पाने के बाद कांग्रेस-जेडीएस के गठबंधन वाली कर्नाटक सरकार 23 जुलाई को गिर गई थी। जिसके बाद भाजपा के येदियुरप्पा ने 26 जुलाई को राज्य के 25वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस के कई नेता ऐसे थे, जो गठबंधन सरकार के पक्ष में नहीं थे। लेकिन चुनाव में बहुमत नहीं मिलने के बाद कांग्रेस ने जेडीएस के साथ हाथ मिलाकर सरकार बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने सूत्रों से पता चला है कि कुछ स्थानीय नेताओं को इसमें दिलचस्पी नहीं थी।
कांग्रेस ने नहीं किया अच्छा व्यवहार
कुमारस्वामी ने आगे कहा कि सरकार के गठन होने के बाद पहले दिन से ही कांग्रेस नेताओं के एक वर्ग ने जनता के साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया। ये सभी लोग जानते हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि उनकी सरकार ने कांग्रेस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों के लिए जेडीएस के मुकाबले अधिक धन आवंटित किया था।
बिना अपॉइंटमेंट के भी मिलता था
कुमारस्वामी ने कहा, "जब भी कोई विधायक बिना अपॉइंटमेंट के आता था, तो भी मैं उनसे मिलता था। उनके निर्वाचन क्षेत्रों के विकास के लिए उनके पास जो भी अनुरोध आए, मैंने तुरंत उनपर फैसला लिया। मैंने 14 महीनों में जितना काम किया, पिछली कांग्रेस सरकार ने कुछ नहीं किया। मैंने कांग्रेस विधायकों के निर्वाचन क्षेत्रों को 14 महीनों में 19 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया।"
किसी ने नहीं सराहा काम
कांग्रेस के साथ गठबंधन सरकार पर कुमारस्वामी ने कहा कि "सरकार बनने के बाद से ही दोनों पार्टियों के कुछ नेता नाखुश थे। अब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद मैं सबसे खुश व्यक्ति हूं। मैंने 14 महीने तक कर्नाटक के विकास के लिए काम किया लेकिन किसी ने भी मेरे काम को नहीं सराहा।"