सपा सांसद अक्षय यादव को लोकसभा स्पीकर पर कागज के टुकड़े फेंकने का कोई मलाल नहीं है। स्पीकर द्वारा ध्यान न दिए जाने पर कागज के टुकड़े उनकी तरफ फेंके थे। गुरुवार को एक कार्यक्रम में उन्होंने खुलकर कहा कि लोकसभा में बोलने से रोका जाएगा तो फिर वह ऐसा ही करेंगे। हो सकता है कि वह इसके भी आगे बढ़ कर कुछ करें।
बताते चलें कि गत दिनों सपा सांसद अक्षय यादव ने लोकसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान स्पीकर की तरफ कागज फाड़ कर फेंके थे। इस पर उनको कार्रवाई की हिदायत भी दी गई थी। पुलिस लाइन में यूपी 100 योजना का उद्घाटन करने आए सांसद अक्षय यादव ने मंच और पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि नोटबंदी पर उन्हें लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया।
वह सदन को बताना चाहते थे कि पूरा देश किस तरह से परेशान है। आलू किसान परेशान है। कांच कारखाने का मजदूर पलायन कर गया है। लोकसभा में उनको बोलने से रोका गया, लोकसभा स्पीकर द्वारा ध्यान न दिए जाने पर उन्होंने कागज के टुकड़े उनकी तरफ फेंके थे।
यदि जनता की आवाज उठाने को कोई अनुशासनहीनता कहता है वह इस तरह की अनुशासनहीनता एक बार नहीं कई बार करेंगे। हो सकता है अगली बार वह इससे भी आगे बढ़ कर कोई कदम उठाएं।
नोटबंदी पर सांसद ने कहा कि मालिकों ने अभी तो मजदूरों को दो-तीन महीने का एडवांस दे रखा है। एक महीने बाद हालत और भी खराब होंगे। व्यापार घटेगा तो कारोबारी भी परेशान होंगे। कालाधन खत्म हो सभी चाहते हैं, लेकिन अब तो सब कुछ साफ है नोटबंदी के बाद नई करेंसी भी भाजपा नेताओं के पास से बरामद हो रही है।