पूर्व केन्द्रीय वित्त मंत्री
पी. चिदंबरम ने प्रवर्तन निदेशालय और केन्द्र सरकार पर काफी गंभीर आरोप लगाए हैं। चिदंबरम का कहना है कि वह विपक्षी दल के नेता हैं। एयरसेल-मैक्सिस सौदे को लेकर पी चिदंबरम ने कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ इस मामले में कोई एफआईआर नहीं हुई है। लेकिन इसके बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ने मेरे और परिजनों के दिल्ली तथा चेन्नई स्थि आवास पर छापेमारी की है। चिदंबरम ने अपना वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि लेकिन वह इससे झुकने वाले नहीं है।
पी चिदंबरम ने कहा कि वह सरकार और
प्रवर्तन निदेशालय जैसे एजेंसी के दबाव में नहीं आने वाले हैं। चिदंबरम ने कहा कि वह न तो दबेंगे, न मुलेंगे, लगातार बोलते और लिखते रहेंगे। पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय को छापे के दौरान मेरे कार्यालय तथा आवास समेत अन्य स्थानों से कुछ नहीं मिला है। इसका गवाह पंचनामा खुद है।
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चिदंबरम के अनुसार शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय ने एयरसेल मैक्सिस मामले में प्रवर्तन निदेशालय को नोटिस जारी किया था। इसके अनुसार मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती। इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय से जवाब मांगा गया है और मामले की सुनवाई 30 जनवरी 2018 तक स्थगित है। इतना ही नहीं इस प्रकरण में मेरे, मेरे पुत्र के खिलाफ कोई प्राथमिकी भी दर्ज नहीं है। लेकिन इसके बाद भी प्रवर्तन निदेशालय ने छापा मारा और जांच की।
पी चिदंबरम का कहना है कि प्रवर्तन निदेशालय ने ऐसा केन्द्र सरकार के दबाव में किया है। लेकिन वह इससे झुकने वाले नहीं है। वह विपक्षी पार्टी के नेता हैं। वह लगातार लिखते और बोलते रहेंगे।