महात्मा गांधी की हत्या पर दिए बयान को लेकर मानहानि मुकदमे का सामना कर रहे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि वह अपनी बात पर कायम हैं। राहुल गांधी पर आरोप है कि उन्होंने एक सभा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ पर गांधी की हत्या के लिए दोष मढ़ा था। उधर अदालत में राहुल के वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि राहुल ने आरएसएस नहीं, बल्कि संगठन से जुड़े लोगों पर आरोप लगाया था। अदालत ने सिब्बल की बात पर गौर करते हुए कहा था कि एक सितंबर को कोर्ट मामले पर फैसला सुनाएगी। लेकिन अब मामले के फिर से तूल पकड़ने के आसार हैं। राहुल गांधी ने ट्वीट कर वह वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह आरएसएस और महात्मा गांधी की हत्या वाला बयान दे रहे हैं।
I will never stop fighting the hateful & divisive agenda of the RSS. I stand by every single word I saidhttps://t.co/bUWzTHrgHW
— Office of RG (@OfficeOfRG) August 25, 2016
अदालत में आरएसएस के आदमियों के द्वारा महात्मा गांधी की हत्या वाली दलील के बाद माना जा रहा था कि राहुल ने आरएसएस के प्रति रुख नरम किया है। लेकिन अब राहुल ने साफ कर दिया है कि आरएसएस के खिलाफ उनका रुख पहले की तरह ही सख्त हैं, वे नरम नहीं पड़े हैं, और हर एक शब्द जो उन्होंने कहा, वह उस पर कायम हैं।
राहुल ने 2014 में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मौके पर आयोजित रैली में बयान दिया था। संघ से जुड़े एक शख्स ने राहुल गांधी पर मानहानि का मुकदमा किया था। राहुल गांधी पर आरोप लगा था कि वह लोगों से कह रहे हैं कि आरएसएस ने गांधी जी को मरवा दिया।
'वे लोग कौन थे और आरएसएस से वे किस तरह जुड़े थे?'
राहुल गांधी
- फोटो : file photo as demo pic
आरएसएस से जुड़े एमजी वेद्य की मानें तो राहुल गांधी से अपराध हुआ है, उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए। अगर वह अब कहते हैं कि वह आरएसएस नहीं, बल्कि उससे जुड़े लोगों को गांधी जी की हत्या का दोषी ठहरा रहे हैं, तो उन्हें बताना चाहिए कि वे लोग कौन थे और आरएसएस से वे किस तरह जुड़े थे। संगठन में उनका पद क्या था? उनकी स्थिति और जिम्मेदारी क्या थी?
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने शिकायतकर्ता से कहा था कि वह अगले हफ्ते तक राहुल गांधी के खिलाफ जवाब दाखिल करें, जैसा कि राहुल अपने पहले की बात पर कायम हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा था कि अदालत को पता है कि राहुल गांधी ने आरएसएस को कभी दोषी नहीं ठहराया, बल्कि संगठन से जुड़े लोगों पर दोष मढ़ा था। अगर शिकायतकर्ता राहुल की बात से इत्तेफाक रखते हैं तो मामले पर फैसला सुना दिया जाएगा।
पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने राहुल गांधी को चेतावनी दी थी कि अगर वह गांधी जी की हत्या कि लिए संगठन को दोषी ठहराते हैं तो उन्हें गलत माना जाएगा।
गांधी जी की हत्या के बाद आरएसएस को दोषमुक्त होने तक बैन कर दिया गया था। गोडसे को फांसी दे दी गई थी।