भाजपा नेताओं द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के काफिले को काले झंडे दिखाने के बाद उन्होंने (अजित पवार) प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें दूसरों द्वारा अपनी आलोचना की परवाह नहीं है, उन्हें केवल इस बात की चिंता है कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के प्रमुख नेता क्या कहते हैं। पवार ने मुंबई में जन सम्मान यात्रा के दौरान उन्होंने पत्रकारों से बात की।
अजित पवार ने कहा, "दूसरे लोग क्या कहते हैं, इसे लेकर मुझे कुछ नहीं करना है। मैं अहम लोगों पर ध्यान देता हूं। इसमें शिवसेना के सीएम एकनाथ शिंदे और भाजपा के चंद्रशेखर बावनकुले और देवेंद्र फड़णवीस शामिल हैं।" पवार के नेतृत्व वाली राकांपा ने पूछा कि फड़णवीस यह स्पष्ट करें कि क्या वह अपने भाजपा कार्यकर्ताओं के व्यवहार को स्वीकार करते हैं?
भाजपा की जुन्नर प्रमुख आशा बुचाके ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए जुन्नार सीट से राकांपा अपने उम्मीदवार का प्रचार कर रही थी। उन्होंने कहा, "वे हमारा गला घोंटने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए हमने आक्रमक रुख अपनाया।" आशा बुचाके ने आगे कहा, "अगर हम महायुति का हिस्सा हैं तो मीटिंग हॉल में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की तस्वीर क्यों नहीं थी।"
अजित पवार से पूछा गया कि क्या वे रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहन सुप्रिया सुले से राखी बंधवाएंगे। इसपर उन्होंने कहा, "मैं ऐसा करूंगा, जब वह मुंबई में होगी।" बता दें कि पिछले हफ्ते अजित पवार ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी पत्नी सुनेत्रा पवार को अपनी चचेरी बहन सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ाने पर खेद व्यक्त किया था। चुनाव में सुप्रिया सुले ने जीत हासिल की थी।
पवार ने स्वीकार किया था कि उनसे गलती हुई है। उन्होंने कहा था, "मैं अपनी सभी बहनों से प्यार करता हूं। किसी को भी राजनीति को घर में प्रवेश करने नहीं देना चाहिए। मैंने अपनी बहन के खिलाफ सुनेत्रा को मैदान में उतारकर गलती की। राकांपा के संसदीय बोर्ड ने फैसला लिया था, जिसका मैंने पालन किया, लेकिन मुझे लगता है कि यह गलत है।"