कांग्रेस के लिए कर्नाटक में मुश्किलें खत्म होती नहीं दिख रही है। अब वरिष्ठ नेता सीएम इब्राहिम ने पार्टी छोड़ने के संकेत दिए। इब्राहिम ने कहा, मैं देवेगौड़ा जी, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव सभी के संपर्क में हूं और मैंने केंद्र में भी काम किया है। हम 'कर्नाटक फर्स्ट' की अवधारणा को देख रहे हैं। हम कर्नाटक में एक अच्छी सरकार लाएंगे। मुझे अपने शुभचिंतकों से इस पर चर्चा करनी है। मैं 10 दिनों के भीतर फैसला लूंगाछ
जब उनसे पूछा गया कि क्या कर्नाटक में कांग्रेस डूब रही है? इब्राहिम ने कहा- हां, 100 फीसदी। जब संख्या 120 से 80 पर आ गई तो मैंने बात की। आज फिर कह रहा हूं। यहां वैसा ही होगा जैसा तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना में हुआ था। कांग्रेस अपने गलत फैसलों का खामियाजा भुगत रही है।
कर्नाटक कांग्रेस नेता यूटी खादर सीएम इब्राहिम के पार्टी छोड़ने के फैसले पर कहा कि सीएम इब्राहिम एक वरिष्ठ नेता हैं लेकिन डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच कोई मतभेद नहीं हैं। कर्नाटक में पार्टी एकजुट है। कांग्रेस अगला चुनाव जीतेगी और साबित करेगी कि सभी आरोप झूठे हैं।
कर्नाटक में मंत्रिमंडल विस्तार जल्द
इस बीच कर्नाटक में भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कहा कि मंत्रिमंडल का विस्तार बहुत जल्द होने की उम्मीद है। मैं प्रतीक्षा सूची में नहीं हूं। मैंने कभी किसी मंत्रालय की पैरवी नहीं की है।
वहीं, कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवाज बोम्मई ने कहा कि राज्य विधायिका का संयुक्त सत्र 14 फरवरी से 25 फरवरी तक होगा और बजट सत्र मार्च के पहले सप्ताह में होगा। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जल्द ही पार्टी संगठन से जुड़े मुद्दों पर विचार-मंथन करने और पार्टी और सरकार के बीच आने वाले दिनों में बेहतर समन्वय को बढ़ावा देने के लिए एक बैठक बुलाएंगे। एकजुट होकर काम करने और आगे बढ़ने का फैसला किया गया है।
वहीं, राज्य के कानून मंत्री जेसी मधुस्वामी कहते हैं कि भाजपा पार्टी की नीति के अनुसार किसी को भी अपना जिला नहीं दिया जाता है। मैंने खुद कहा था कि मैं किसी अन्य जिले में नहीं जा सकता इसलिए उन्होंने मुझे जिम्मेदारी नहीं देने का फैसला किया।