राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अफ्रीकी छात्रों पर हमले को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि एक छात्र, सांसद और राजनीति से जुड़े होने के कारण यह हाल में हुई घटना उनके लिए व्यक्तिगत तौर पर पीड़ादायी है। राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और अफ्रीका लंबे समय से साझीदार हैं और वहां के छात्रों को अपनी सेफ्टी और सेक्योरिटी के लिए यहां भयभीत होने का कोई कारण नहीं है।
राष्ट्रपति भवन में आयोजित हेड ऑफ मिशंस के सातवें सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत और अफ्रीका के बीच गहरा संबंध है। ऐसे में यह दुर्भाग्यपूर्ण होगा कि भारत के लोग दोनों देशों के बीच में स्थापित परंपरा, सहयोग और सामंजस्य को इस तरह से क्षति पहुंचाएंगे।
राष्ट्रपति ने घटना के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अफ्रीकी देश के छात्रों के लिए भारत में ऐसा कोई कारण नहीं है कि वह अपनी सुरक्षा को लेकर भयभीत हों। राष्ट्रपति ने इस क्रम में भारतीय विदेश मंत्रालय की गृहमंत्रालय के साथ संवाद बनाने, गृह मंत्रालय द्वारा पहल करने तथा उपायों पर जोर देने की सराहना की।