बुलेट ही नहीं अब आप ट्यूब में हवाई जहाज की रफ्तार से भी तेज रफ्तार में यात्रा करने की सोच सकते है। मैग्लेव तकनीक की हाईपरलूप ट्रेन चलाने की कवायद शुरू हो गई है। मंगलवार को बकायदा अमेरिका की कंपनी हाईपर लूप वन ने रेल मंत्री व नीति आयोग के अधिकारियों की उपस्थिति में प्रजेंटेंशन दिया। दिल्ली-मुंबई वाया जयपुर, बंगलूरू-चैन्नई, बंगलूरू-तिरुअनंनतपुरम, मुंबई-बंगलूरू, बंगलूरू-चैन्नई के बीच किए गए सर्वे की रिपोर्ट भी पेश की।
हवा से बातें करती बुलेट ट्रेन के साथ भविष्य में आप हाईपरलूप ट्रेन में भी सफर का आनंद ले सकेंगे। ट्यूब में चलने वाली इस ट्रेन की रफ्तार का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है कि बंगलूरू से चेन्नई महज 20 मिनट में और दिल्ली से मुंबई महज 55 मिनट में वाया जयपुर पहुंच सकते हैं। हालांकि, केंद्रीय रेलमंत्री सुरेश प्रभु इस मौके पर सीधे तौर पर हरी झंडी नहीं दी लेकिन भविष्य में इसपर विचार करने के संकेत जरूर दिए।
उन्होंने कहा कि हाईपर लूप के लिए इतना हाईपर होने की आवश्यकता नहीं है। यात्री स्पीड से सफर करना चाहते है। इसके लिए रेलवे मंत्रालय प्रयास कर रहा है। कई विदेशी कंपनी ट्रेनों की रफ्तार से चलाने की मुहिम में जुटी हुई है। छह देशों से बातचीत भी मंत्रालय कर रहा है। वहीं, नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने जरूर इस तकनीक की प्रशंसा करते दिखें। उन्होंने कहा कि बिना तकनीक के विकास के आधुनिक नहीं बना जा सकता।