कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि खामेनेई की मौत पर दुख जताना और प्रदर्शन करना गलत नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए और कहा कि भारत को कूटनीतिक पहल करनी चाहिए। एमवीए में राज्यसभा सीट को लेकर भी उन्होंने समाधान की उम्मीद जताई।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत को लेकर देश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता हुसैन दलवई ने कहा कि खामेनेई एक देश के प्रमुख थे और जिस तरह उनकी हत्या हुई, उससे लोगों को दुख होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि अगर लोग दुख में प्रदर्शन करते हैं तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।
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दलवई ने कहा कि किसी भी देश के मुखिया की इस तरह हत्या होना गंभीर मामला है। उनके मुताबिक अमेरिका और इस्राइल मिलकर पश्चिम एशिया में हालात बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की नीति ऐसी है कि वह दुनिया को अपने हिसाब से चलाना चाहता है। दलवई ने सवाल उठाया कि कोई बाहरी ताकत यह कैसे तय कर सकती है कि किसी देश में कौन शासन करेगा।
सरकार की चुप्पी पर सवाल
कांग्रेस नेता ने सोनिया गांधी के लेख का समर्थन करते हुए कहा कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार की ओर से स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई। उन्होंने कहा कि भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित रही है और सरकार को इस मामले में पहल करनी चाहिए। दलवई ने कहा कि ईरान के साथ भारत के अच्छे संबंध रहे हैं और मौजूदा तनाव को बातचीत से सुलझाया जाना चाहिए।
एमवीए में सीट बंटवारे पर बयान
राज्यसभा सीट को लेकर महाविकास अघाड़ी में मतभेद के सवाल पर दलवई ने कहा कि कांग्रेस ने व्यावहारिक प्रस्ताव दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष खरगे के नेतृत्व को देखते हुए सीट कांग्रेस को मिलनी चाहिए और बाद में किसी अन्य दल को दी जा सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द समाधान निकल आएगा।
नितेश राणे पर हमला
मंत्री नितेश राणे के बयान पर दलवई ने कहा कि उन्हें अपने मंत्रालय के काम पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कोंकण क्षेत्र में केमिकल उद्योगों के कारण मछलियों के नुकसान का मुद्दा उठाया। दलवई ने कहा कि विकास और पर्यावरण की चिंता ज्यादा जरूरी है, न कि सांप्रदायिक बयानबाजी।