केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने सरकार के दूसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य मंत्रियों को बधाई दी है। उन्होंने इस मौके पर सरकार द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसले गिनाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार राष्ट्र सुरक्षा, विकास और गरीब कल्याण की पर्याय है। ये सरकार देश के हर वर्ग की आशाओं की प्रतीक है।
गृहमंत्री ने कहा कि अपने द्वितीय कार्यकाल के 100 दिनों में प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं, जिसकी राह हर देशवासी 70 सालों से देख रहा था। चाहे जम्मू-कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटाना हो या मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक के अभिशाप से मुक्त करना या यूएपीए कानून को मजबूत कर देश की सुरक्षा को सुनिश्चित करना हो। यह सभी निर्णय प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक नेतृत्व क्षमता व राष्ट्रहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिज्ञा को दर्शाते हैं।
शाह ने कहा कि मैं समस्त देशवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि मोदी सरकार आपके विकास, कल्याण और सुरक्षा के लिए निरंतर कटिबद्ध है। बता दें लोकसभा चुनाव में दूसरी बार बहुमत हासिल कर भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने दूसरी बार सरकार बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी ने 30 मई को दूसरी बार देश के प्रधानमंत्री पद की शपथ ली।
भाजपा सरकार ने कई ऐसे एतिहासिक फैसले लिए हैं, जिन्हें लेना बेहद मुश्किल माना जाता रहा है। कहा जा रहा है कि सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियां बताने के लिए आज केंद्रीय सूचना मंत्री प्रकाश जावड़ेकर प्रेस वार्ता कर सकते हैं। ये भी कहा जा रहा है कि भाजपा सोमवार सभी राज्यों की राजधानियों में प्रेस वार्ता करेगी।
इस दौरान कांग्रेस सरकार ने भी ट्विटर के जरिए भाजपा पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने कहा है कि "वो तीन शब्द जो भाजपा के 100 दिनों का वर्णन करते हैं, वह- अत्याचार, अराजकता और अव्यवस्था हैं।"
कांग्रेस ने ट्वीट कर कहा है, "पिछले साल से जीडीपी में भारी गिरावट सरकार की अज्ञानता और अर्थव्यवस्था के कुप्रबंधन का परिणाम है। उद्योगपतियों, अर्थशास्त्रियों और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह की बातों की अवहेलना करके, भाजपा ने खुद को अर्थव्यवस्था (एसआईसी) को संभालने में पूरी तरह अक्षम साबित कर दिया है।"
इससे पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इसी तरह सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने शनिवार को ट्वीट करते हुए कहा, "भाजपा सरकार सौ दिन का जश्न मनाने जा रही है। लेकिन ऑटो सेक्टर, ट्रांसपोर्ट सेक्टर, माइनिंग सेक्टर को तो ये जश्न बर्बादी के जश्न जैसा लगेगा। हर सेक्टर से एक के बाद एक प्लांट बंद होने और नौकरियां जाने की खबर आ रही हैं।" उन्होंने एक वीडियो साझा करते हुए लिखा है, "वक्त जश्न मनाने की बजाय अर्थव्यवस्था में भरोसा बनाने का है। क्या सरकार के पास ये सच स्वीकारने का साहस है?"