कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को उड़ी में हुए के आतंकी हमले को राष्ट्रीय चेतना का ‘दुखद अपमान’ करार दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि हमले को अंजाम देने वाले अपराधियों को कानून के कटघरे में लाया जाएगा। उन्होंने हमले में 17 जवानों के शहीद होने पर भी पीड़ा व्यक्त की। कांग्रेस पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उड़ी में आतंकियों के कायराना हमले से आहत हैं और वह भारतीय जवानों की शहादत पर गहरी पीड़ा व्यक्त करती हैं।’ उन्होंने हमले शामिल अपराधियों से सख्ती से निपटने और उन पर कार्रवाई करने की उम्मीद जताई। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी हमले पर दुख जाहिर किया है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘उड़ी में सेना शिविर पर आतंकी हमले की घोर निंदा करता हूं और इस हमले में शहीद बहादुर सैनिकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।’
माकपा ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान चरमपंथी ताकतों को मदद देना और उकसाना बंद करे। पार्टी की केंद्रीय समिति ने कश्मीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सभी संबंधित पक्षों के साथ राजनीतिक संवाद शुरू करने का भी आह्वान किया। पार्टी ने एक बयान में कहा, ‘माकपा की केंद्रीय समिति उड़ी में आतंकी हमले में 17 सैनिकों के शहीद होने की निंदा करती है।’ उसने कहा कि पाकिस्तान को चरमपंथी ताकतों को मदद देना और उकसाना बंद करना चाहिए क्योंकि ऐसी गतिविधियां क्षेत्र में शांति प्रक्रिया में बड़ी बाधा पैदा करती हैं।
पूर्व सैन्य अधिकारियों, राजनयिकों ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
आतंकी हमले के बाद पूर्व सैन्य अधिकारियों और राजनयिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। लेफ्टिनेंट जनरल रिटायर्ड राज कादियान ने कहा कि यह पाकिस्तान का भारत पर स्पष्ट हमला है। हम अधिक समय तक बिना कुछ किए नहीं रह सकते। भारत की ओर से शीघ्र और कड़ी प्रतिक्रिया होनी चाहिए। पूर्व राजनयिक राजीव डोगरा ने कहा कि उड़ी आर्मी कैंप पर हुआ हमला ऐसा है कि इसमें अकेले न सिर्फ जैश ए मोहम्मद या लश्कर ए ताइबा शामिल है बल्कि पाकिस्तानी सेना भी इसमें शामिल है।
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पाकिस्तान को आवश्यक रूप से सीमा पार आतंकवाद से खुद को अलग रहना चाहिए। इस आतंकी हमले के मुद्दे को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
- सीताराम येचुरी, महासचिव, सीपीएम
यह पूरी तरह से निंदनीय है... वे इस प्रकार की गतिविधियों से निरंतर धमकी देना जारी रख सकते हैं लेकिन भारत अपनी आंतरिक सुरक्षा की देखभाल करने में सक्षम है। इस प्रकार की घटनाएं हमें जम्मू-कश्मीर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने से नहीं रोक सकतीं।
- निर्मला सीतारमण, केंद्रीय मंत्री, भाजपा
‘यह घटना बड़ी दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं इसकी निंदा करता हूं। भारत सरकार को ऐसी घटनाओं के प्रति थोड़ा आक्रामक होने की जरूरत है। केेंद्र को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं।’
- लक्ष्मीकांत पारसेकर, सीएम गोवा
आतंकी की हमले की निंदा करता हूं और हमले में 17 सैनिकों के शहीद होने का दुख है।
- नीतीश कुमार, सीएम, बिहार
‘जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में हुए आतंकी हमले में 17 जवानों के शहीद होने का दुख है।’
- रघुबर दास, सीएम झारखंड