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दिल्ली: इस अस्पताल को 20 साल से VIP मरीज का इंतजार

Sun, 18 Sep 2016 04:18 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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राम मनोहर लोहिया अस्पताल के पूर्व-प्रधानमंत्री वार्ड में तैनात डॉ. विनीत कुमार(बदला हुआ नाम) के साथ काम करने वाले अन्य डॉक्टर अपातकाल और ओपीडी में मरीजों के इलाज में लगे हैं। अस्पताल का आपातकाल वार्ड और ओपीडी इन दिनों डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों से भरा पड़ा है। अस्पताल को जगह की कमी की समस्या से जूझना पड़ रहा है, अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की छुट्टियां रद्द करनी पड़ रही है। ऐसे हालत में भी डॉ. विनीत कुमार चाहकर भी अपने साथी डॉक्टरों की मदद नहीं कर पा रहे हैं क्योंकि उनकी तैनाती पूर्व-प्रधानमंत्री वार्ड में हुई है जो पिछले 20 वर्ष से कभी आए ही नहीं।
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टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में एक सेल पूर्व प्रधानमंत्री के लिए रिजर्व है। भले ही 20 सालों से यहां कोई पूर्व प्रधानमंत्री इलाज कराने नहीं आया, लेकिन डॉक्टर समेत मेडिकल टीम 24 घंटे यहां तैनात रहती है। पूर्व पीएम सेल में तैनात टीम किसी दूसरे मरीज का इलाज नहीं कर सकती, न ही साथी डॉक्टरों की चाहकर भी कोई मदद कर सकती है। पूर्व प्रधानमंत्री इन दिनों इलाज के लिए एम्स और कुछ बड़े अस्पतालों को तरहीज देते हैं।

दिल्ली-एनसीआर इन दिनों डेंगी-चिकनगुनिया की मार झेल रहा है। डॉक्टर विनीत कुमार कहते हैं, 'डेंगी और चिकनगुनिया की वजह से आरएमएल मरीजों से अटा पड़ा है। इमरजेंसी में एक डॉक्टर को 10 मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। लेकिन हम उन हस्तियों के इंतजार में समय बर्बाद कर रहे हैं, जो यहां कभी आए ही नहीं।'
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इस वार्ड में दो सोफा, एक बेड और एक टीवी भी लगा हुआ है

सांकेतिक चित्र - फोटो : amar ujala
अस्पताल के दूसरे तल पर स्थित पूर्व पीएम वार्ड में दो सोफा, एक बेड और एक टीवी लगा हुआ है। इमरजेंसी केयर के लिए यहां जरूरी उपकरण तक भी नहीं हैं। डॉक्टर के साथ एक ऐंबुलेंस ड्राइवर, टेक्निशन और पैरामेडिकल स्टाफ चौबीसों घंटे तैनात हैं।

जब राम मनोहर लोहिया के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर एके गैडपेल से जब संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि पूर्व पीएम वार्ड को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय चलाता है, लिहाजा वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। अस्पताल के एक रिटायर्ड डॉक्टर ने बताया कि पूर्व पीएम वार्ड की स्थापना कैबिनेट के एक फैसले के जरिए हुई। अस्पताल ने मंत्रालय से इसे बंद करने की गुजारिश की थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

पूर्व पीएम वार्ड के अलावा अस्पताल में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, पूर्व राष्ट्रपतियों, पूर्व उपराष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्रियों जैसे VIPs के लिए 6 कमरे आरक्षित है। अस्पताल में पिछले 30 साल से ज्यादा समय से तैनात एक वरिष्ठ डॉक्टर का कहना है कि उन्हें यह याद नहीं कि कभी किसी VIP ने इस सेवा का उपयोग किया हो। कमरे या तो बंद हैं या कुछ दुर्लभ मामलों में दूसरे VIPs (मंत्री और सांसद) को आवंटित की जाती है।
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