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बंगाल: 'अल्लाह शुभेंदु को उठा ले', हुमायूं कबीर के बयान से विवाद, फिर पलटे; बोले- लंबी उम्र की दुआ करूंगा

Sun, 27 Sep 2026 06:37 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

हुमायूं कबीर के कथित बयान से पश्चिम बंगाल की राजनीति में विवाद बढ़ गया है। पहले शुभेंदु अधिकारी की मौत की दुआ की बात कही, फिर यू-टर्न लेकर लंबी उम्र की दुआ करने की बात कही।

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शुभेंदु पर बयान देकर पलटे हुमायूं कबीर - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के एक कथित बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनके जल्द निधन की दुआ करने की बात कही। हालांकि, बयान सामने आने के बाद उन्होंने अपना रुख बदलते हुए शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र की दुआ करने की बात कही।

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पहले बोले- अल्लाह शुभेंदु को उठा ले
सोशल मीडिया में प्रसारित वीडियो के मुताबिक, हुमायूं कबीर ने कहा कि वह शुक्रवार की नमाज के दौरान दुआ करेंगे कि शुभेंदु अधिकारी को जल्द ही अल्लाह अपने पास बुला लें। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की पुलिस उन्हें और उनके समर्थकों को परेशान कर रही है। कबीर के हवाले से कहा गया 'दुआ करूंगा कि बहुत जल्द अल्लाह शुभेंदु अधिकारी को उठा ले। उनकी पुलिस हमें परेशान कर रही है।'

एक अन्य कथित टिप्पणी में उन्होंने कहा कि वह हर शुक्रवार नमाज के दौरान शुभेंदु अधिकारी के जल्द निधन की दुआ करेंगे। इस दौरान उन्होंने अजीत पवार और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जैसे राजनीतिक नेताओं की मौत का भी संदर्भ दिया।
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फिर बदला बयान, बोले- शुभेंदु की लंबी उम्र की करूंगा दुआ
विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने अपने बयान पर यू-टर्न लिया। उन्होंने कहा कि वह अब शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र के लिए दुआ करेंगे। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि वह शुभेंदु को प्रधानमंत्री बनते हुए देखना चाहते हैं। कबीर के मुताबिक, "मैं शुभेंदु अधिकारी की लंबी उम्र के लिए दुआ करूंगा। मैं चाहता हूं कि शुभेंदु प्रधानमंत्री बनें।"

उन्होंने अपने पहले बयान को स्पष्ट करते हुए दावा किया कि उनका निशाना शुभेंदु अधिकारी नहीं, बल्कि पुलिस का कथित रवैया था। कबीर ने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया 'तानाशाही' जैसा हो गया है और इससे उन्हें तथा उनके समर्थकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

रेजिनगर उपचुनाव के बीच बढ़ा राजनीतिक तनाव
हुमायूं कबीर के बयान ऐसे समय सामने आए हैं, जब पश्चिम बंगाल में रेजिनगर विधानसभा उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज है। चुनाव आयोग ने रेजिनगर और नंदीग्राम सीट पर छह अक्तूबर को उपचुनाव कराने का कार्यक्रम घोषित किया है। रेजिनगर सीट हुमायूं कबीर के विधानसभा सीट छोड़ने के बाद खाली हुई है।

कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद रेजिनगर से AJUP के उम्मीदवार हैं। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, हुमायूं कबीर ने पुलिस पर अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान करने और गिरफ्तार करने का आरोप लगाते हुए जमीनी चुनाव प्रचार से दूरी बनाने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए प्रचार जारी रखने की बात कही है।

पहले भी शुभेंदु और हुमायूं के बीच हो चुका है विवाद
शुभेंदु अधिकारी और हुमायूं कबीर के बीच बयानबाजी का विवाद नया नहीं है। जून 2026 में भी कबीर की कथित टिप्पणियों को लेकर मुख्यमंत्री ने विधानसभा में उन्हें चेतावनी दी थी। शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि निर्वाचित प्रतिनिधियों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनसे तनाव बढ़ सकता है। जुलाई में रेजिनगर में एक रैली के दौरान भी शुभेंदु अधिकारी ने बिना नाम लिए जनप्रतिनिधियों को ऐसे बयान देने से बचने की चेतावनी दी थी, जिनसे सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है।

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