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मानवाधिकार संस्था 'ह्यूमन राइट्स वॉच' ने की संशोधित नागरिकता कानून वापस लेने की अपील

Wed, 18 Dec 2019 06:31 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ह्यूमन राइट्स वॉच - फोटो : Social Media
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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था ह्यूमन राइट्स वॉच ने केंद्र को नागरिकता संशोधन अधिनियम तत्काल वापस लेने का निवेदन किया है। संस्था का कहना है कि पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों व छात्रों पर अत्याचार और दमन की भी जांच की जानी चाहिए।

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संस्था की दक्षिण एशिया निदेशक मिनाक्षी गांगगुली ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि इन प्रदर्शनों को देखकर कहा जा सकता है कि भारत सरकार मूल अधिकारों के हनन के खिलाफ नागरिकों के व्यापक विरोध को समझ नहीं पाई। इन प्रदर्शनों का जवाब कानून को वापस लेना ही हो सकता है।

उन्होंने कहा कि कमजोर तबकों को डराने वाली नागरिकता सत्यापन की योजना को भी वापस लिया जाना चाहिए। वहीं जामिया, एएमयू व उत्तरपूर्व में प्रदर्शनों के दौरान सरकार को पुलिसिंग के अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करना चाहिए।
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गांगुली ने कहा कि प्रदर्शन करना नागरिकों का बुनियादी अधिकार है। यह चिंता की बात है कि पुलिस गैरजरूरी और अत्याधिक बल प्रयोग कर रही है। वहीं कुछ प्रदर्शनकारियों की गतिविधियां बल प्रयोग की जरूरत बताती हैं, लेकिन मानवाधिकार के तय मानकों का ख्याल रखा जाना चाहिए। 

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