राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश के शामली जिले में भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या करने के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है। 26 नवंबर को शामली में भीड़ ने 28 वर्षीय एक युवक की पुलिस वैन से खींच कर हत्या कर दी थी।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मीडिया रिपोर्ट्स का स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा है कि अगर यह सही है तो पीड़ित के मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है। आयोग ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी किया है और मामले की 4 हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
आयोग का मानना है कि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों की ड्यूटी थी कि हिरासत में लिया गया व्यक्ति सुरक्षित रहे। आयोग का कहना है कि कानून के मुताबिक पीड़ित को न्याय पाने का पूरा अधिकार है। आयोग के मुताबिक घटना से प्रतीत होता है कि भीड़ में मौजूद गुंडों ने पुलिस पीड़ित को बचाने में अक्षम रही, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।
28 नवंबर को छपी मीडिया रिपोर्ट्स में एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रही है जिसमें भीड़ पुलिस वैन से पीड़ित को खींचते नजर आ रही है। नीली शर्ट में खड़ा व्यक्ति वैन का दरवाजा खोलता है और पीड़ित पर थप्पड़ मारना शुरू कर देता है। पीड़ित की बगल में बैठे पुलिसकर्मी ने उसे बाजु से पकड़ रखा है। वह व्यक्ति राजेन्द्र को पुलिस वैन से बाहर खींच लेता है।