छत्तीसगढ़ के विवादित पूर्व बस्तर पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) एसआरपी कल्लूरी ने कहा कि मुठ्ठी भर लोग बस्तर को गलत तरह से पेश कर हैं। जबकि हम (पुलिस) बस्तर की सही तस्वीर देश के सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं। कथित तौर पर मानवाधिकार उल्लंघन के लिए आलोचना का सामने कर चुके कल्लूरी ने यह बात दिल्ली में शनिवार को इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन में कही।
कल्लूरी से पूछा गया कि आप का दावा है कि माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे मानवाधिकार कार्यकर्ता और एनजीओ बिक गए हैं। लेकिन राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने भी तो आपको और छत्तीसगढ़ पुलिस को कथित अत्याचारों के लिए कई नोटिस जारी किए?
इस पर कल्लूरी ने कहा कि बस्तर में मानवाधिकार ब्रिगेड, एनजीओ...सभी धंधा कर रहे हैं। मैं नहीं कह रहा हूं कि सभी एनजीओ बिके हुए हैं, लेकिन उनमें से एक वर्ग है। हां, हमें कई समन मिलते हैं। हम उन पर जाते भी हैं। हम जवाब देते हैं (पुलिस के खिलाफ आरोप)। यह एक नियमित प्रक्रिया है जब भी उन्हें (एनएचआरसी) शिकायत मिलती है, तो वे समन जारी करते हैं और हम उनका जवाब देते हैं।