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मोदी की रैली: मौसम की बेरुखी पर भारी पड़ा भाजपाइयों का उत्साह

Sat, 23 Jul 2016 05:43 AM IST
टीपी शाही/ अमर उजाला, गोरखपुर
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मोदी की रैली में उमड़ा - फोटो : ब्यूरो/ गोरखपुर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा को लेकर भाजपा नेताओं ने जो रणनीति बनाई थी वह कारगर साबित हुई। मौसम के बदले मिजाज के बावजूद प्रधानमंत्री को सुनने के लिए गोरखपुर के खाद कारखाना परिसर में जन सैलाब उमड़ पड़ा। युवाओं में वही जोश देखने को मिला जो दो साल पहले मानबेला के मैदान में दिखा था। पीएम जैसे ही मंच पर पहुंचे, मोदी-मोदी के नारे से परिसर गूंज उठा। जिधर भी नजर डालो, भीड़ ही नजर आ रही थी।
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प्रधानमंत्री का 22 जुलाई को जब गोरखपुर में कार्यक्रम तय हुआ तो भाजपा नेताओं के सामने भारी भीड़ जुटाने की चुनौती थी। प्रधानमंत्री पूर्वांचल की जनता को बड़ा तोहफा देने आ रहे थे। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण था कि 1990 के बाद अब तक छह प्रधान मंत्री गुरु गोरक्षनाथ की तप: स्थली पर आए।

सभी के समक्ष बंद खाद कारखाने को शुरू करने का मुद्दा उठा, पर किसी ने इसकी सुध नहीं ली। लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी ने जनता से वादा किया था कि केंद्र में सरकार बनी तो खाद कारखाना शुरू किया जाएगा। गोरखपुर में एम्स और खाद कारखाने के शिलान्यास की जब तिथि तय हुई तो पूर्वांचल में खुशी की लहर दौड़ गई। इसी के साथ पार्टी के लोग पीएम की रैली को ऐतिहासिक बनाने में जुट गए।
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मोदी की रैली में युवाओं में दिखा जोश - फोटो : ब्यूरो/ गोरखपुर
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने अपनी टीम को मैदान में उतार दिया। प्रदेश महामंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, प्रदेश मंत्री कामेश्वर सिंह को गोरखपुर में कैंप करने को कहा गया। महंत आदित्यनाथ भी अलग-अलग कार्यक्रमों में जाकर बार-बार लोगों से रैली में आने का आह्वान करते रहे।

क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों ने सेक्टर, मंडल और जिला स्तर पर बैठकें कर अधिक से अधिक लोगों को लाने की रणनीति बनाई। गांवों से लोगों को लाने के लिए योजना बनाई गई। छोटे-बड़े वाहनों को लगाया गया। यही वजह थी कि खराब मौसम और बारिश के बाद भी लोगों में जोश कम नहीं हुआ।

जिधर देखों, उधर लोगों का हुजूम रैली की तरफ जाता नजर आया। न गाड़ियों का तांता टूट रहा था न समर्थकों का। रैली स्थल पर जगह न मिलने से भारी भीड़ सड़कों पर घूमती रही। बहुत से लोगों की गाड़ियों का काफिला तब पहुंचा जब मोदी रवाना हो चुके थे।
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