रिसर्च, आइडिया और इनोवेशन से भारत दुनिया के शिखर तक पहुंच सकता है। दुनियाभर में सबसे अधिक युवा भारत में हैं। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि रिसर्च, आइडिया और इनोवेशन का पावर हाउस हमारे पास है। मैं युवाओं से आग्रह करता हूं कि वे आम लोगों के साथ देश के विकास में बाधक समस्याओं को दूर करने पर आधारित तकनीक ईजाद करें। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने सोमवार को दिल्ली से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से देश के सभी 19 सेंटर में शुरू स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन हार्डवेयर में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि 2017 में 50 हजार विद्यार्थियों के साथ स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन सॉफ्टवेयर की शुरुआत की थी। इसके बाद हार्डवेयर भी जुड़ा। विद्यार्थी भी इनोवेशन पर काम करना चाहते हैं। इसी के चलते 2019 स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन हार्डवेयर में भाग लेने के लिए 2 लाख से अधिक छात्रों ने रजिस्ट्रेशन किया था। 3 चरणों के चयन के आधार पर फाइनल में 19 सेंटर में 250 टीम विशेषज्ञों की मदद से 124 दिक्कतों पर तकनीक तैयार करेंगे।
आईआईटी, एनआईटी समेत 178 तकनीकी कॉलेजों से चयनित 250 टीम इसमें भाग ले रही हैं। इसमें छह छात्र (एक छात्रा भी शामिल) व दो मेंटर हैं। केंद्रीय मंत्री ने लगातार 5 दिन तक चलने वाले स्मार्ट इंडिया हैकाथॉन हार्डवेयर में भाग लेने वाली टीम को तकनीक ईजाद करने के लिए शुभकामनाएं भी दी।
तनाव और थकान दूर करेगा योग
लगातार 120 घंटे तक 250 टीम तकनीक बनाने पर काम करेंगी। काम की थकान और तनाव दूर करने के लिए पहली बार योग भी शामिल किया गया है। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र व विशेषज्ञ प्रतिदिन सुबह 7 से 7:30 बजे तक योग क्रिया करेंगे।
टीम सदस्य पीने के पानी को स्वच्छ बनाने, वेस्ट मैनेजमेंट, स्मार्ट व्हीकल, रोबोटिक व ड्रोन, सिक्योरिटी व सर्विलांस, स्मार्ट कम्यूनिकेशन, स्पोर्ट्स व फिटनेस, स्मार्ट टेक्सटाइल, स्मार्ट सिटी, पर्यावरण आदि पर तकनीक ईजाद करेंगे। प्रतियोगिता में सामान्य तकनीक ईजाद करने वाली टीम को 50 हजार, बेहतर तकनीक पर 75 हजार तो दिक्कत को पूरी तरह दूर करने वाली टीम को 1 लाख रुपये तक पुरस्कार मिलेगा।