दिल्ली में आम तौर पर 1290 एमजीडी पानी की मांग होती है। गर्मियों में यह मांग बढ़कर 1350 एमजीडी तक पहुंच जाती है। इसमें लगभग एक हजार एमजीडी पानी दिल्ली के जलाशयों और भूमिगत सोर्स से प्राप्त होता है, जबकि शेष जल के लिए दिल्ली पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर करती है। भाजपा सरकार के लिए इस मांग को पूरा करने की चुनौती रहेगी।
मार्च महीने में ही दिल्ली सहित पूरे देश में जबरदस्त गर्मी पड़ने लगी है। कई जगहों पर पारा अभी से 40 डिग्री तक पहुंचने लगा है। मौसम वैज्ञानिक पहले ही पूर्वानुमान लगा चुके हैं कि इस बार पूरे देश में जबरदस्त गर्मी पड़ सकती है। ऐसे में दिल्ली में इस बार पानी की मांग में काफी बढ़ोतरी होने की संभावना है। रेखा गुप्ता सरकार के सामने गर्मियों में सबको साफ पानी उपलब्ध कराना सबसे बड़ी चुनौती होगी। रेखा गुप्ता सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है, यह देखने वाली बात होगी।
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दिल्ली में आम तौर पर 1290 एमजीडी पानी की मांग होती है। गर्मियों में यह मांग बढ़कर 1350 एमजीडी तक पहुंच जाती है। इसमें लगभग एक हजार एमजीडी पानी दिल्ली के जलाशयों और भूमिगत सोर्स से प्राप्त होता है, जबकि शेष जल के लिए दिल्ली पंजाब-हरियाणा और उत्तर प्रदेश पर निर्भर करती है। भाजपा सरकार के लिए इस मांग को पूरा करने की चुनौती रहेगी। दिल्ली में बहुत सारा पानी पुरानी पाइपलाइन के टूटने से बर्बाद होता है। जल विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सरकार इस जल बर्बादी को रोक ले तो भी इससे जल उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इसके लिए जगह-जगह पर टूटी लाइनों को ठीक करना होगा। साथ ही कई स्थानों पर नई पाइपलाइन बिछाने का काम करना होगा।
अब तक पिछली सरकार यही दावा करती रही थी कि दूसरे दलों की सरकारों से सहयोग न होने के कारण उसे दिल्ली में पानी उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब एक ही पार्टी की सरकार होने के बाद इस तरह के टकराव की संभावना कम होगी और अनुमान है कि दिल्ली को पूरा पानी मिल सकेगा।
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सरकार तैयार- जल मंत्री प्रवेश वर्मा
दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा है कि सरकार पूरी दिल्ली को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा है कि दिल्ली में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पानी के अवैध टैंकर माफियाओं पर रोक लगाई जा रही है। दिल्ली में बिजली के 50 लाख के करीब कनेक्शन हैं, जबकि जल के कनेक्शन 20 लाख के करीब ही हैं। स्पष्ट है कि बहुत सारे लोग भूमिगत जल का उपयोग अपने स्तर पर कर रहे हैं। दिल्ली सरकार जल कनेक्शन लेने के मूल्य में कमी कर इस कमी को पूरा करने की कोशिश करेगी। इससे लोगों को साफ जल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कांग्रेस ने दी चेतावनी
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा है कि पानी और यमुना की सफाई को मुद्दा बनाकर सत्ता में आई भाजपा को लोगों को साफ पानी देने का प्रबंंध करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एनजीटी के निर्देशानुसार दिल्ली प्रदूषण कंट्रोल कमेटी यमुना के जल की क्वालिटी चेक की मासिक रिपोर्ट में 8 जगह के सैंपल की रिपोर्ट में यमुना के पानी में 6400 गुणा दूषित जल पाया गया है। उन्होंने कहा कि यह जल अभी पीने योग्य नहीं है। लेकिन इसके शोधन की कोशिश की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के मुद्दे उठाकर भाजपा को घेरने का काम करती रहेगी।