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चीन और पाक के लिए चिंता का सबब बनेंगे राफेल विमान, जानिए विशेषज्ञों की राय

Wed, 29 Jul 2020 10:41 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
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राफेल लड़ाकू विमान - फोटो : दसां एविएशन
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बीते कई दिनों के इंतजार के बाद आज बुधवार को राफेल विमान भारत की सरजमीं पर पहुंच गए। अत्याधुनिक तकनीकी और क्षमताओं से लैस ये विमान भारतीय वायु सेना की ताकत में महत्वपूर्ण इजाफा करेंगे। इसे लेकर रक्षा विशेषज्ञों ने कहा कि सटीक वार, बेजोड़ ताकत और बहुउद्देशीय भूमिका के लिए दुनिया भर में चर्चित राफेल विमानों से वायु सेना की क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। खासकर, पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों से सामना करने में इसकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

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विशेषज्ञों ने कहा कि चीन के साथ सीमा पर तनाव के मद्देनजर राफेल विमानों को बेड़े में शामिल करने का समय भी बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि वायु सेना के बेड़े में 36 राफेल विमानों को शामिल किया जाना भारत के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसी दक्षता और बेजोड़ इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली वाला विमान पड़ोस में किसी भी देश के पास नहीं है। वायु रक्षा, बेहद सटीकता से हमले, जहाज रोधी हमले की खासियत समेत इसकी अधिकतम रफ्तार 1.8 मैक है।

राफेल विमान वाला भारत दुनिया का चौथा देश
अमेरिका के एफ-35 और एफ-22 लड़ाकू विमानों से इसकी तुलना की जाती है । बीते कुछ सालों में राफेल ने अफगानिस्तान, लीबिया, माली, इराक और सीरिया में अपना जौहर दिखाया है। फ्रांस, मिस्र और कतर के बाद भारत चौथा देश है जिसके पास यह विमान है। एफ-35 से तुलना पर विशेषज्ञों ने कहा कि राफेल ज्यादा फुर्तीला है क्योंकि यह लंबे समय तक हथियारों को लेकर तेज गति से उड़ान भर सकता है। हालांकि, वैमानिकी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के मामले में एफ-35, राफेल से आगे है।
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इसके आगे चीन का जे-20 कहीं नहीं टिकता
रक्षा विशेषज्ञ लक्ष्मण बेहेरा ने बताया, ‘वैश्विक बाजार में उपलब्ध यह सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमान है। चीन में उपलब्ध लड़ाकू विमानों की तुलना में यह अत्याधुनिक है और मारक क्षमता भी अधिक है। निश्चित तौर पर भारत की रक्षा तैयारियों को इससे बढ़ावा मिलेगा। राफेल के आगमन का समय भी बिल्कुल उपयुक्त है।’ चीन के लड़ाकू विमान जे-20 के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इसकी तुलना राफेल से नहीं की जा सकती क्योंकि फ्रांस निर्मित विमान चीनी लड़ाकू विमान की तुलना में ज्यादा दक्ष है।

पूर्व वायु सेना प्रमुख फली होमी मेजर ने भी डॉ. बेहेरा की राय से सहमति प्रकट की। पूर्व वायु सेना प्रमुख ने कहा, ‘राफेल और जे-20 के बीच कोई तुलना नहीं है । दुनिया जे-20 के बारे में नहीं जानती है । राफेल विमान भारतीय वायु सेना की क्षमता को और बढ़ाएंगे।’

राफेल विमान बनेंगे भारत की बेजोड़ ताकत
मनोहर पर्रिकर रक्षा अनुसंधान और विश्लेषण संस्थान में अग्रणी विशेषज्ञ डॉ. बेहेरा ने कहा, ‘36 राफेल विमान आ जाने पर क्षेत्र में भारत के पास बेजोड़ हवाई ताकत होगी। भारत के लिए यह निर्णयकारी भूमिका अदा करेगा।’ उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और चीन ने लड़ाकू विमानों को बेड़े में शामिल किए जाने का जरूर संज्ञान लिया होगा। 

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