बीते पांच वर्ष में विदेश में भारत का कितना काला धन जमा हुआ सरकार के पास इसका कोई आधिकारिक अनुमान नहीं है। केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि काला धन (अघोषित विदेशी आय व संपत्ति) और कर अधिरोपण अधिनियम, 2015 के अनुपालन के लिए तीन माह की मोहलत दिए जाने पर 30 सितंबर, 2015 तक 4,164 करोड़ रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति से जुड़े 648 खुलासे किए गए थे। खुलासों के आधार पर जुर्माने व कर के तौर पर 2,476 करोड़ रुपये जमा हुए थे।
मंत्री सांसद सुखराम सिंह यादव व विशंभर प्रसाद निषाद की तरफ से लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे। सांसदों ने पूछा था कि 2014 से 30 नवंबर, 2021 तक विदेश से कितना काला धन भारत वापस लाया गया है। असल में विदेशों में जमा काले धन की वापसी को भाजपा ने 2014 में बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था।
8466 करोड़ की अघोषित आय पर लगाया कर
चौधरी ने सदन को बताया कि बीते पांच वर्ष में 8,466 करोड़ रुपये से अधिक की अघोषित आय पर कर लगाया गया है और गैर-सूचित विदेशी बैंक खातों में जमा राशि पर 1,294 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।
काला धन अधिनियम के तहत 52 पर आपराधिक कार्रवाई
इंटरनेशनल कंसोर्टियम ऑफ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट्स (आईसीआईजे) द्वारा उजागर किए गए मामलों की जांच से अब तक अघोषित विदेशी खातों में 11,010 करोड़ जमा होने का पता चला है। पनामा पेपर्स में लिप्त लोगों पर कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि भारत से जुड़ी 930 संस्थाओं की 20,353 करोड़ रुपये के अघोषित जमाओं का पता चला है। आरोपियों से 153.88 करोड़ का कर जमा कराया गया है। इसके 52 मामलों में काला धन अधिनियम के तहत आपराधिक कार्रवाई की जा रही है।
केंद्र ने रोकथाम के लिए उठाए प्रभावी कदम
उन्होंने केंद्र सरकार की तरफ से काले धन की रोकथाम के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय सूचनाओं को सक्रिय रूप से साझा करने के लिए बहु-पक्षीय व्यवस्था बनाई गई है। मई 2014 में काले धन पर एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया, काला धन नया कानून बनाया गया, जो जुलाई 2015 से प्रभावी है। विदेश में जमा काले धन के संबंध में कोई विश्वसनीय जानकारी मिलने पर भी सरकार ने प्रभावी कदम उठाए हैं।