फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक्सक्लूसिव: कब तक निर्भया कहते रहेंगे हम, कब बेटियां निर्भय हो पाएंगी

सार

  • अमर उजाला ने 2012 में अपनी बेटी निर्भया को खो चुकी मां से बात की
  • जानिए: इन सवालों पर क्या था निर्भया की मां का जवाब 
  • हैदराबाद वाली घटना के लिए असली जिम्मेदार कौन है?
  • ऐसी घटनाओं के लिए किसे जिम्मेदार मानती हैं?
  • मां होने के नाते, आपके अनुसार ऐसे लोगों को क्या सजा मिलनी चाहिए?
  • बलात्कारियों को सजा कैसे मिलेगी?
विज्ञापन
बातचीत: कब तक निर्भया - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हैदराबाद में हुई दिल दहलाने-आंख नम करने वाली वीभत्स घटना ने एक बार फिर 2012 के निर्भया प्रकरण को जेहन में ला दिया है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में एक युवती को दुष्कृत्य के बाद जलाकर मार दिया गया। इस घटना से देशभर में भावनाएं एकबार फिर उबल पड़ी हैं।

विज्ञापन

ऐसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार कौन है, प्रशासन जो नागरिकों की सुरक्षा के लिए उत्तरदायी है। या फिर समाज खुद, अपने अपनी बेटियों की रक्षा नहीं कर पा रहा है। ऐसे ही सवालों के जवाब जानने के लिए अमर उजाला ने 2012 में अपनी बेटी निर्भया को खो चुकी मां से बात की:

सवाल:हैदराबाद वाली घटना के लिए असली जिम्मेदार कौन है?

बातचीत: कब तक निर्भया - फोटो : Amar Ujala
इस तरह की घटनाएं हमारे देश में रुक नहीं रही हैं। चिंताजनक बात यह है कि इससे देश के सिस्टम को कोई फर्क भी नहीं पड़ रहा है। 2012 में जब मेरी बेटी के साथ घटना हुई थी तो पूरे देश में धरना—प्रदर्शन हुआ था। लेकिन सब बेकार होता दिख रहा है। मामले को अदालत में सात में साल हो गए हैं। दो बार सुप्रीम कोर्ट से फैसला आ चुका है कि आरोपियों को फांसी हो। लेकिन अब तक दरिंदे जिंदा हैं। न्याय व्यवस्था की गति पर अफसोस होता है। जब भी घटना होती है तो कहा जाता है कि फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेगी सजा होगी पर यह सब कहां होता है। निर्भया के समय भी बहुत वादे हुए थे, पर अभी तक उन चार दोषियों को सजा नहीं हुई।

 

सवाल: ऐसी घटनाओं के लिए किसे जिम्मेदार मानती हैं?

बातचीत: कब तक निर्भया - फोटो : Amar Ujala
जिस पर गुजरती है, वही दर्द भी जानता है। आज मेरे पास बेटी नहीं केवल उसकी यादें हैं। एक तरफ तो कहा जाता है बच्चियों को पढ़ाओ, लेकिन सच्चाई यह है कि बच्चियों को छिपाकर रखने जैसे हालात हैं। हैदराबाद में बेटी काम के बाद वापस लौट रही थी। उसकी गलती क्या थी, जो उसके साथ ऐसा हुआ। दरअसल सजा न मिलने से मुजरिमों के हौसले बढ़े हुए हैं। देश में ऐसे मामलों की भरमार है, जिसमें बलात्कार करने वाले आरोपी पीड़ितों को धमकी देते हैं। पुलिस में मुकदमा दर्ज कराने पर हत्या तक की कोशिश होती है। बलात्कारियों को छोड़ेंगे तो उनका हौसला बढ़ेगा। जबकि ऐसे आरोपियों को जल्द सजा मिलनी चाहिए। पीड़िताओं को समाज का सहयोग मिलना चाहिए।

सवाल: मां होने के नाते, आपके अनुसार ऐसे लोगों को क्या सजा मिलनी चाहिए?

बातचीत: कब तक निर्भया - फोटो : Amar ujala
फांसी होनी चाहिए। बल्कि फांसी से भी ज्यादा बड़ी कोई सजा बनानी चाहिए। हैदराबाद में जिस बेटी के साथ हुआ, उसके परिवार को नियम-कानून समझाने के बजाय आरोपियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन

सवाल: बलात्कारियों को सजा कैसे मिलेगी?

बातचीत: कब तक निर्भया - फोटो : Amar Ujala
फास्ट ट्रैक को वाकई फास्ट बनाए जाने की जरूरत है। मैं 2012 से कह रही हूं कि हमें इन दरिंदों के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए वरना वो ऐसे ही बलात्कार करते रहेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें