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ग्राहकों के इस मिजाज से कार कंपनियां हो रही परेशान, SUV खरीदार बदल रहे हैं पसंद!

Sat, 30 Nov 2019 06:25 PM IST
Harendra Chaudhary ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Hyundai Venue - फोटो : amar ujala
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जैसे-जैसे अप्रैल 2020 नजदीक आती जा रही है, वैसे ही वाहन निर्माता कंपनियों की दिल की धड़कनें भी तेज होती जा रही हैं। अभी भी कई कार कपनियां ऐसी हैं जिन्होंने अभी तक अपनी एक भी कार या SUV को BS6 उत्सर्जन मानक में अपग्रेड नहीं किया है। यही वजह है कि ग्राहक भी अपनी च्वाइस बदल रहे हैं।  
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बढ़ रहा है पेट्रोल गाड़ियों का दायरा    

अगले साल अप्रैल 2020 से देश में नए उत्सर्जन मानक BS6 लागू होने वाले हैं, लेकिन कई गाड़ियां अभी तक नए मानकों में अपग्रेड नहीं हुई हैं। जिसके चलते खास तौर पर SUV सेगमेंट में लोग पेट्रोल गाड़ियों को पसंद कर रहे हैं। अभी तक इस सेगमेंट में ड़ीजल इंजनों का राज था, लेकिन सितंबर 2019 तक के आंकड़ों के मुताबिक 35 फीसदी SUV सेगमेंट की गाडियां पेट्रोल वर्जन वाली बिकी हैं। जबकि एक साल पहले यह आंकड़ा 17 फीसदी है।

कीमतों में अंतर है वजह

बीएस6 मानकों के चलते पेट्रोल और डीजल गाड़ियां गाड़ियों की कीमतों में बड़ा अंतर आने वाला है। कार कंपनियां भी इसका पहले ही एलान कर चुकी हैं, कि डीजल मॉडल्स की कीमत पेट्रोल के मुकाबले दो लाख रुपये से ज्यादा हो सकती है। मारुति पहले ही अपनी कुछ कारों में डीजल इंजन बंद करने का एलान कर चुकी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह ट्रेंड आगे भी जारी रहने वाला है।
 

बड़ी गाड़ियां ही खरीदेंगे डीजल में

विशेषज्ञों का कहना है कि बीएस6 मानक आने के बाद छोटी और मिडसाइज एसयूवी में पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री में इजाफा होगा। केवल बड़ी एसयूवी गाड़ियों में लोग डीजल इंजन वाली गाड़िया खरीदना पसंद करेंगे। मारुति अर्टिगा की ही बात करें, तो यह पेट्रोल और डीजल दोनों में आती है, लेकिन फिलहाल 56 फीसदी बिक्री पेट्रोल वेरियंट्स की है। मारुति अप्रैल 2020 से पहले अपनी दो पॉपुलर डीजल गाड़ियां विटारा ब्रेजा और एस-क्रॉस बंद करने जा रही है और इसकी वजह उनका केवल डीजल इंजन में होना है। हालांकि दोनों को जल्द ही पेट्रोल इंजन के साथ जल्द लॉन्च किया जा सकता है।
 

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कम अंतर

पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और ड़ीजल की कीमतों में पांच रुपये से भी कम का अंतर रह गया है, वहीं मई 2012 में यह अंतर 31 रुपये तक पहुंच गया था। देश के कुछ राज्यों जैसे गुजरात, ओडिशा, गोआ में डीजल की कीमत पेट्रोल से भी ज्यादा है। वहीं ग्राहकों का पर्यावरण के प्रति सचेत होना भी इसकी वजह माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि सबसे ज्यादा बिकने वाली गाड़ियों एमजी हेक्टर और किआ सेल्टोस में सबसे ज्यादा पेट्रोल वेरियंट्स की ही बिक्री हो रही है।

वहीं ह्यूंदै वेन्यू की 65 फीसदी वेरियंट्स की बिक्री पेट्रोल वाहनों की है। ग्राहकों की पहली पसंद पेट्रोल वाहन हैं, लेकिन जैसे ही वह ऊपर के सेगमेंट में जाते हैं, तो उनकी पसंद डीजल इंजन हो जाते हैं। उदाहरण के लिए ह्यूंदै क्रेटा की बात करें, तो 35 फीसदी क्रेटा केवल पेट्रोल वेरियंट्स वाली होती हैं।
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डीजल वाहनों की उम्र 10 साल

वहीं सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में डीजल गाड़ियों की उम्र 10 साल और पेट्रोल वाहनों की उम्र 15 साल है। लोग इस पहलू को भी प्राथमिकता दे रहे हैं। बीएस6 मानकों की वजह से डीजल वाहनों की कीमतें बढ़ने वाली हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बीएस6 लागू होने से पहले 1.5 लीटर डीजल इंजनों की बिक्री में गिरावट आएगी, वहीं लोग 2.0 लीटर से ज्यादा पावर वाली गाड़ियों में ही डीजल इंजन को प्राथमिकता देंगे।
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