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How is the Josh के अलावा वो शब्द जो सेना के जवानों को बना देते हैं घातक

न्यूज डेस्क, नई दिल्ली Published by: अनिल पांडेय Updated Mon, 28 Jan 2019 03:52 PM IST

सार

  • How is the josh जवानों में जोश भरने के लिए बोला जाता है। 
  • विभिन्न रेजिमेंट के अलग-अलग बैटल क्राई होते हैं।
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भारतीय सैनिक

हाउ इज द जोश... ये डायलॉग उरी फिल्म के रिलीज के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। डायलॉग न केवल आम लोगों को पसंद आ रहा है, बल्कि देश के बड़े नेताओं को भी खूब भा रहा है। फिल्म में जब म्यामार में सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद भारतीय सेना वापस लौटती है तो विक्की कौशल जोर से बोलते हैं, 'हाउ इज द जोश', इसपर बाकी जवान जवाब देते हुए जोर से कहते हैं, 'हाई सर।'

हाल ही में करीब एक साल से बीमार चल रहे पूर्व रक्षा मंत्री और वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर भी इस लाइन को बोलते नजर आए। इसके अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रही हैं, 'हाउ इज द जोश', जिसपर वहां मौजूद लोग कहते हैं, 'हाई सर।' केवल इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक म्यूजियम के उद्घाटन वाले दिन लोगों से बातचीत के दौरान कहा, 'हाउ इज द जोश।'   



2016 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी और वहां बने आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। लेकिन उस पर आधारित फिल्म 'उरी' का ये डायलॉग आया कहां से हैं? क्या आप जानते हैं? तो चलिए जानते हैं कि क्यों बोला जाता है आखिर, 'हाउ इज द जोश'।    

'हाउ इज द जोश' को एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) और आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) के जवान एक परंपरा को तौर पर बोलते हैं। इसे बोलने का मकसद होता है कि जवान कभी थके नां। ऐसा इसलिए क्योंकि जवानों की दिनचर्या आम लोगों से काफी अलग है। इन्हें हर वक्त युद्ध के लिए तैयार रहना होता है। इसके अलावा रोजमर्रा किए जाने वाले व्यायाम भी काफी अलग होते हैं। जिनमें पहाड़ों पर चढ़ना भी शामिल है। ऐसे में जब जवान पहाड़ पर चढ़ने के बाद थक जाते हैं, तो उनका टीम लीडर जोर से बोलकर उनसे पूछता है, हाउ इज द जोश। इसपर बाकी जवान जवाब देते हुए बोलते हैं, 'हाई सर।' इससे जवानों में हमेशा जोश भरा रहता है।

सेना के विभिन्न जवानों में जोश भरने के लिए बैटल क्राई का इस्तेमाल होता है। इसे जोर से बोलकर कहा जाता है। ताकि युद्ध लड़ने वाले जवानों में जोश भर जाए और वह पूरी ताकत से युद्ध लड़ें। भारतीय सेना में कई तरह की रेजीमेंट हैं और सबके अलग-अलग बैटल क्राई हैं। युद्ध के समय जवानों में आत्मविश्वास भरने में बैटल क्राई की बेहद अहम भूमिका होती है।

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भारतीय सैनिक
हाउ इज द जोश... ये डायलॉग उरी फिल्म के रिलीज के बाद से ही चर्चा में बना हुआ है। डायलॉग न केवल आम लोगों को पसंद आ रहा है, बल्कि देश के बड़े नेताओं को भी खूब भा रहा है। फिल्म में जब म्यामार में सर्जिकल स्ट्राइक करने के बाद भारतीय सेना वापस लौटती है तो विक्की कौशल जोर से बोलते हैं, 'हाउ इज द जोश', इसपर बाकी जवान जवाब देते हुए जोर से कहते हैं, 'हाई सर।'

हाल ही में करीब एक साल से बीमार चल रहे पूर्व रक्षा मंत्री और वर्तमान में गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर भी इस लाइन को बोलते नजर आए। इसके अलावा रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण का भी एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कह रही हैं, 'हाउ इज द जोश', जिसपर वहां मौजूद लोग कहते हैं, 'हाई सर।' केवल इतना ही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक म्यूजियम के उद्घाटन वाले दिन लोगों से बातचीत के दौरान कहा, 'हाउ इज द जोश।'   

2016 में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक की थी और वहां बने आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। लेकिन उस पर आधारित फिल्म 'उरी' का ये डायलॉग आया कहां से हैं? क्या आप जानते हैं? तो चलिए जानते हैं कि क्यों बोला जाता है आखिर, 'हाउ इज द जोश'।    

'हाउ इज द जोश' को एनडीए (राष्ट्रीय रक्षा अकादमी) और आईएमए (भारतीय सैन्य अकादमी) के जवान एक परंपरा को तौर पर बोलते हैं। इसे बोलने का मकसद होता है कि जवान कभी थके नां। ऐसा इसलिए क्योंकि जवानों की दिनचर्या आम लोगों से काफी अलग है। इन्हें हर वक्त युद्ध के लिए तैयार रहना होता है। इसके अलावा रोजमर्रा किए जाने वाले व्यायाम भी काफी अलग होते हैं। जिनमें पहाड़ों पर चढ़ना भी शामिल है। ऐसे में जब जवान पहाड़ पर चढ़ने के बाद थक जाते हैं, तो उनका टीम लीडर जोर से बोलकर उनसे पूछता है, हाउ इज द जोश। इसपर बाकी जवान जवाब देते हुए बोलते हैं, 'हाई सर।' इससे जवानों में हमेशा जोश भरा रहता है।

सेना के विभिन्न जवानों में जोश भरने के लिए बैटल क्राई का इस्तेमाल होता है। इसे जोर से बोलकर कहा जाता है। ताकि युद्ध लड़ने वाले जवानों में जोश भर जाए और वह पूरी ताकत से युद्ध लड़ें। भारतीय सेना में कई तरह की रेजीमेंट हैं और सबके अलग-अलग बैटल क्राई हैं। युद्ध के समय जवानों में आत्मविश्वास भरने में बैटल क्राई की बेहद अहम भूमिका होती है।

भारतीय सैन्य रेजिमेंट्स और उनके War Cry

इसके अलावा मिलिट्री ट्रेनिंग वाली अकैडमी में भी भावी सैनिकों में जोश भरने के लिए बैटल क्राई बोला जाता है। आत्मविश्वास के बिना कुछ भी हासिल करना बेहद मुश्किल होता है। अगर किसी में भरपूर आत्मविश्वास हो तो वह कुछ भी हासिल कर सकता है। ऐसे में बड़ी-बड़ी लड़ाईयों में जवानों के लिए आत्मविश्वास बेहद अहम होता है। चलिए जानते हैं कि किस रेजिमेंट और राइफल्स का बैटल क्राई क्या है:
 
रेजिमेंट के नाम     बैटल क्राई
असम रेजिमेंट राइनो चार्ज
बिहार रेजिमेंट जय बजरंग बली
बिरसा मुंडा की जय
डोगरा रेजिमेंट ज्वाला माता की जय
गढ़वाल रेजिमेंट बदरी विशाल की जय
गोरखा रेजिमेंट आयो गोरखाली
11 गोरखा राइफल्स जय महाकाली
द ग्रिनेडियर्स सर्वदा शक्तिशाली
जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फेंट्री भारत माता की जय
जम्मू और कश्मीर राइफल्स दुर्गा माता की जय
जाट रेजिमेंट जय बलवान, जय भगवान
कुमाऊं रेजिमेंट कालिका माता की जय,
बजरंग बली की जय,
दादा किशन की जय
जय दुर्गे नागा
लद्दाख रेजिमेंट भारत माता की जय
मद्रास रेजिमेंट वीरा मदरासी, अदी कोल्लु, अदी कोल्लू
मराठा रेजिमेंट हर हर महादेव
छत्रपति शिवाजी की जय
पंजाब रेजिमेंट बोले सो निहाल, सत श्री अकाल
बोल ज्वाला मां की जय
राजपूत रेजिमेंट बोल बजरंग बली की जय
राजपुताना राइफल्स राजा राम चंद्र की जय
सिख लाइट इन्फेंट्री बोले सो निहाल सत श्री अकाल
सिख रेजिमेंट बोले सो निहाल सत श्री अकाल
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