पूर्वी लद्दाख की गलवां घाटी में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर विपक्ष ने हमले तेज कर दिए हैं। रविवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने पीएम मोदी के बयान पर सवाल उठाते हुए हमला बोला है। सिब्बल ने कहा कि पीएम मोदी चीन की भाषा बोल रहे हैं। उन्होंने मोदी सरकार पर पांच सवाल भी दागे हैं।
सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा था कि भारत की सीमा में न कोई घुसा है और न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है। पीएम के इस बयान का जिक्र करते हए सिब्बल ने कहा कि यही बात तो चीन भी बोल रहा है कि हम सीमा में नहीं घुसे हैं।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चीन के सैनिकों ने घुसपैठ नहीं की और कोई भारतीय क्षेत्र में आया ही नहीं, तो हिंसक झड़प कैसे हो गई। अगर हमारे क्षेत्र में किसी ने घुसपैठ नहीं की, तो 20 जवान कैसे शहीद हो गए, 85 गंभीर रूप से घायल हो गए और 10 अधिकारियों व जवानों को चीन ने पकड़ लिया था?
सिब्बल ने पूछे मोदी सरकार से पांच सवाल
- क्या पीएम मोदी का बयान कर्नल संतोष बाबू और 19 जवानों की वीरता और सर्वोच्च बलिदान का अपमान नहीं है, क्या सरकार का यह कहना है कि इनका बलिदान व्यर्थ था?
- क्या यह सही नहीं है कि चीन ने गलवां घाटी पर कभी दावा नहीं किया था? क्या यह भी सही नहीं है कि चीन ने अब गलवां घाटी में अतिक्रमण किया है?
- रक्षा विशेषज्ञों, सेना के अधिकारियों और सेटेलाइट तस्वीरों से साफ होता है कि चीन ने घुसपैठ की, तो सरकार इससे इनकार क्यों कर रही है?
- सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने क्यों कहा कि हमारे क्षेत्र में किसी ने घुसपैठ नहीं की है? फिर पीएमओ ने इन शब्दों को अपने आधिकारिक बयान से क्यों हटा दिया?
- गलवां घाटी में चीन के निर्माण को लेकर रक्षा मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बयान को पीएम मोदी क्यों खारिज कर रहे हैं?