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टिकट के दलालों की आएगी शामत, कंफर्म टिकटों का बुकिंग पैटर्न खोलेगा राज

Thu, 28 Nov 2019 09:39 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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train ticket booking
ट्रेन के सफर में कंफर्म टिकट मिलना कई बार बेहद मुश्किल होता है। लेकिन कुछ पैसे लेकर टिकट दिलाने वाले दलाल आखिर कहां से और कैसे कंफर्म टिकट दिलाते हैं, यह सवाल आज भी अबूझ पहेली की तरह है। अब इसी पहली को सुलझाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल देश के 65 रेल मंडलों में ट्रेनों की बुकिंग पैटर्न पर रिसर्च करने जा रहा है।

चाहे सामान्य दिन हों या छुट्टियों का मौसम या फिर त्योहार-पर्व, ट्रेन का टिकट मिलना मुश्किल होता है। लेकिन दलाल जरूर कंफर्म टिकट दिलवा देते हैं। इन्हीं दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने नई रणनीति बनाई है। इसके तहत आरपीएफ देश के 65 रेल मंडलों में ट्रेनों की बुकिंग पैटर्न पर रिसर्च करेगी। टिकट बुक होने के डेटा का अध्ययन किया जाएगा। 

इससे वो ट्रेनें चिन्ह्ति की जाएंगी, जिनमें दलालों के जरिए यात्रियों को सीट मिल पाती है। ऐसी बुकिंग वाली टिकटों के संबंध में जानकारी जुटाकर दलालों पर लगाम लगाई जाएगी। 
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साइबर फोरेंसिक लैब - फोटो : social media
साइबर सेल तोड़ेगी जाल
जोधपुर में आरपीएफ के डायरेक्टर जनरल अरुण कुमार ने इसका रोडमैप देश के सभी मुख्य सुरक्षा आयुक्त को भेजा है। उनके मुताबिक, टिकट दलालों से न केवल रेलवे की छवि खराब हो रही, बल्कि यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। टिकट दलालों के इस जाल को तोड़ने के लिए आरपीएफ की साइबर सेल को इसके केंद्र में रखा गया है।
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साइबर सुरक्षा - फोटो : Amar Ujala
यूजर आईडी का डेटा जुटाकर पकड़ेगी
इसके लिए अलग से साइबर सेल की टीम का गठन किया जा रहा है, जो आईआरसीटीसी के डेटा सेंटर से सीधे डेटा ले सकेगी। ज्यादा बुकिंग वाली यूजर आईडी के मोबाइल नंबर, उनके पते, टिकट पर यात्रा करने वाले लोगों के मोबाइल, उनके पते, भुगतान जिस बैंक या कार्ड से हुआ है, उसकी डिटेल लेकर सत्यापन किया जाएगा, फिर कालाबाजारी करने वालों की सूची तैयार होगी। साइबर सेल की मदद से बैंक खातों और कार्ड की जानकारी से कार्रवाई हो सकेगी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
पकड़े गए लोगों की हिस्ट्रीशीट खुलेगी
टिकट की दलाली करते हुए कई बार पकड़े गए लोगों की बाकायदा हिस्ट्रीशीट खोली जाएगी, जो ऐसे लोगों के आपराधिक मामले सामने आने पर रेलवे कोर्ट में केस के साथ भेजी जाएगी। मंडल स्तर पर आरपीएफ, जीआरपी और स्थानीय पुलिस से मदद ले सकेगी। साथ ही टिकट दलाली करने वाले यदि किसी किराए के परिसर में काम कर रहे होंगे तो उनके मालिकों के बारे में जानकारी जुटाकर उनके खिलाफ भी जांच और कार्रवाई की जा सकेगी।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
10 दिन में पकड़े 528 दलाल
आरपीएफ की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक 26 अक्तूबर से चार नवंबर के बीच देशभर में कार्रवाई कर 528 दलालों को पकड़कर उनसे 2800 टिकट बरामद किए गए हैं। 2017 में कुल 1261 दलालों से 11 हजार 500 और 2018 में 2391 दलालों से 78 हजार टिकट बरामद किए गए थे।
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