मरीजों को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले अस्पतालों को अब नए मानकों का पालन करना होगा। राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) ने अस्पतालों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य मानक तैयार किए हैं, जिसके तहत ए ग्रेड मान्यता के लिए अस्पतालों को नए नियमों का पालन करते हुए ओपीडी, भर्ती, जांच, मानव संसाधन को लेकर डिजिटल सेवाएं रखनी होगीं। एनएबीएच ने इन मानकों का मसौदा जारी कर सुझाव मांगें हैं।
क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया के अधीन एनएबीएच अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए ए ग्रेड मान्यता प्रदान करता है। यही बोर्ड अगले कुछ दिनों बाद डिजिटल स्वास्थ्य की सेवा देने वालों को भी मान्यता देगा। इसमें अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम, जांच केंद्र सभी शामिल हैं। मसौदे में एनएबीएच ने जानकारी दी है कि इन मानकों का उद्देश्य ओपीडी या अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों के साथ ही दुर्गम क्षेत्रों के रोगियों की निगरानी आसान होगी।
डाटा गोपनीयता पर गंभीरता से विचार
नए मानकों में मरीजों से जुड़े डाटा गोपनीयता पर गंभीर विचार किया गया है। डिजिटल तकनीक के जरिए मरीजों को घर बैठे स्वास्थ्य जांच, उपचार या फिर टेली कंसल्टेंसी के जरिए चिकित्सा सलाह देने वालों को डाटा की गोपनीयता रखनी होगी। एनएबीएच के अनुसार, शहरी और ग्रामीण दोनों स्तर के अस्पतालों को ध्यान में रखते हुए नए मानकों को तैयार किया है। इसके आधार पर अस्पतालों की रेटिंग तय की जाएगी।