देश में पहली बार आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों को स्टार रेटिंग मिलेगी। यह कदम इन अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं के स्तर को बेहतर करने के लिए उठाया गया है। यह रेटिंग अस्पतालों को उनकी स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और सेवाओं के आधार पर दी जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) ने आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना से संबद्ध अस्पतालों की स्टार रेटिंग के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
एनएचए का कहना है कि इस व्यवस्था से मरीजों को भी सहूलियत होगी और अस्पतालों की स्थिति भी सुधरेगी। इन अस्पतालों को रेटिंग देने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के छह क्षेत्रों को ध्यान में रखा जाएगा। इनमें प्रभाव, समय, सुरक्षा, मरीज केंद्रित, दक्षता और निष्पक्षता को शामिल किया गया है।
एनएचए के संयुक्त निदेशक डॉ, जेएल मीणा ने कहा, 'अस्पतालों की स्टार रेटिंग की जरूरत इसलिए है क्योंकि इससे इन अस्पतालों में पहुंचने वाले लाभार्थियों को उचित मार्गदर्शन उपलब्ध हो सके। अभी तक आयुष्मान भारत से देशभर के 22,769 अस्पताल संबद्ध हैं। रेटिंग के लिए तय किए गए छह में से हर क्षेत्र में कुछ मानक होंगे जैसे कि एडवांस्ड और सुपर स्पेशलाइज्ड केयर, डिस्चार्ज टाइम, मरीज की संतुष्टि आदि।'
उन्होंने बताया कि इस आकलन में 90 फीसदी से ज्यादा स्कोर करने वाले अस्पतालों को फाइव स्टार और 75 से 90 फीसदी के बीच स्कोर करने वाले अस्पतालों को फोर स्टार रेटिंग दी जाएगी। इसी तरह से 50 से 75 फीसदी के बीच स्कोर करने वाले अस्पतालों को थ्री स्टार, 25 से 50 फीसदी के बीच स्कोर करने वालों को टू स्टार और 25 फीसदी से कम स्कोर करने वाले अस्पतालों को सिंगल स्टार रेटिंग दी जाएगी।