करूर में रैली में भगदड़।
- फोटो : PTI
अस्पतालों में हाहाकार, घायलों की आंखों में अब भी दहशत
अस्पतालों में भी स्थिति सुखद नहीं है। परिजनों का हाहाकार है। करूर के सरकारी अस्पताल के बाहर बैठी एक बुजुर्ग महिला बिलखते हुए कहा, मेरी बेटी सिर्फ विजय सर को देखने गई थी। मुझे क्या पता था कि उसे वापस नहीं देख पाऊंगी। अंदर डॉक्टरों और नर्सों की भागदौड़ जारी है। स्ट्रेचर पर लाए जा रहे घायल बच्चों की आंखों में अब भी दहशत साफ झलक रही है। एक पुलिसकर्मी ने कहा, शुरुआती अफरातफरी में एंबुलेंस तक पहुंचने का रास्ता भी बंद हो गया था। लोग जान बचाने के लिए चारों ओर भाग रहे थे, कोई सुनने को तैयार नहीं था।
करूर में रैली में भगदड़।
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भीड़ इतनी कि सांस लेना हो रहा था मुश्किल
तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय की रैली की जो तस्वीरें सामने आई हैं उससे बेतहाशा भीड़ का अंदाजा साफ लगाया जा सकता है। विजय की रैली में भीड़ इतनी ज्यादा हो गई थी कि लोगों के लिए सांस लेना मुश्किल हो गया। अचानक से वहां मौजूद लोग और कार्यकर्ता बेहोश होने लगे। इस बीच भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे, कई गिर पड़े, कुछ ऊपर से भीड़ के दबाव में चोटिल हो गए। स्थल पर चीख-पुकार और मदद की गुहारें हर ओर गूंज रही थीं।
करूर में रैली में भगदड़।
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एक-दूसरे पर गिर रहे थे, हर तरफ चीख-पुकार
भीड़ इतनी ज्यादा थी कि उससे निकलने के लिए लोग धक्का-मुक्की कर रहे थे। माहौल पूरी तरह से अराजक और डरावना था। कई घायल वहीं गिर पड़े, और घटनास्थल पर खून और घायलों की तस्वीरें दिख रही हैं।
सभा स्थल पर निकास मार्गों के जाम होने से बचाव कार्यों में आई दिक्कत
भीड़ में फंसे प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कई लोग भगदड़ में दब गए, जबकि बच्चे और बुजुर्ग सुरक्षा के लिए अपने परिवार के सदस्यों के साथ भागने की कोशिश कर रहे थे। भगदड़ स्थल पर निकास मार्गों का जाम होने से बचाव में और दिक्कत आई। स्थानीय पुलिस, फायर और आपातकालीन मेडिकल टीम ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को निकाला और अस्पतालों में भर्ती कराया। कई लोग परिजनों और अपने प्रियजनों की तलाश में बदहवाश दिखे। रैली में शामिल लोगों ने बताया कि अचानक भगदड़ मचने के कारण कोई समझ नहीं पाया कि वहां से कैसे निकलें।