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MEA: विदेश मंत्रालय ने की कनाडा में मंदिर पर हमले की निंदा; भारतीय पत्रकारों के लिए वीजा सुविधा जारी रखे चीन

Thu, 06 Apr 2023 07:01 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागजी ने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि चीनी अधिकारी उन्हें चीन से उनकी निरंतर उपस्थिति और रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करेंगे।
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Aridam Bagchi - फोटो : ANI
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विस्तार
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चीन ने हाल ही में दो भारतीय पत्रकारों की वीजा अवधि को बढ़ाने से इनकार कर दिया। इस पर भारत ने गुरुवार प्रतिक्रिया दी है। भारत ने उम्मीद जताई कि चीनी अधिकारी अपने देश में भारतीय पत्रकारों की निरंतर उपस्थिति की सुविधा प्रदान करेंगे। 

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इस मुद्दे से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि ऐसे कई चीनी पत्रकार हैं जिनके पास पत्रकारिता की गतिविधियों के लिए वैध भारतीय वीजा है। इस नजरिए से उन्हें (चीनी पत्रकार) रिपोर्टिंग करने में कोई कठिनाई नजर नहीं आती।

बागची ने आगे कहा, जहां तक चीन में काम कर रहे भारतीय पत्रकारों का सवाल है, हम उम्मीद करते हैं कि चीनी अधिकारी उन्हें चीन से उनकी निरंतर उपस्थिति और रिपोर्टिंग की सुविधा प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इसको लेकर हम लगातार चीनी अधिकारियों के संपर्क में हैं। इस बीच, चीन ने अपने पत्रकारों की सुविधा के लिए भारत से जवाबी कदम उठाने की मांग की है, जबकि उसने दो भारतीय संवाददाताओं के वीजा पर रोक लगाने के अपने हालिया कदम का बचाव किया है।
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यह भी पढ़ें: भारतीय पत्रकारों से डरा ड्रैगन!: चीन ने रिपोर्टर्स के वीजा की अवधि बढ़ाने से किया इनकार, जानें क्या है वजह

चीन के विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने मंगलवार को 'द हिंदू' के चीन संवाददाता अनंत कृष्णन और 'प्रसार भारती' के बीजिंग स्थित संवाददाता अंशुमन मिश्रा को सूचित किया कि उनके वीजा पर रोक लगा दी गई है और वे अगले आदेश तक वापस नहीं आ सकते हैं। दोनों पत्रकार हाल ही में भारत आए हैं। 

यह पूछे जाने पर कि चीन ने दो भारतीय पत्रकारों के वीजा निलंबित करने का सहारा क्यों लिया, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता माओ निंग ने एक मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि लंबे समय से चीनी पत्रकारों के साथ भारत में अनुचित और भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है। 

2017 में, भारत ने चीनी पत्रकारों के लिए वीजा को तीन महीने से घटाकर एक महीने कर दिया था। उन्होंने दावा किया कि 2020 में भारत ने भारत जाने के लिए चीनी पत्रकारों के आवेदनों को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था।

कनाडाई अधिकारियों के सामने उठाया हिंदू मंदिर पर हमले का मामला
कनाडा के ओंटारियो प्रांत में हिंदू मंदिर पर हमले की घटना को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बागची ने कहा, हम इसकी निंदा करते हैं और यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। इस मुद्दे को कनाडा के अधिकारियों के साथ उठाया गया है...और मुझे आशा है कि कनाडा के अधिकारी कार्रवाई करेंगे। 

फिलिस्तीन के सवाल पर हमारी स्थिति स्पष्ट: विदेश मंत्रालय
फिलिस्तीन के सवाल पर हमारी स्थिति सुसंगत और स्पष्ट रही है। हम दो-राष्ट्र समाधान प्राप्त करने के लिए इजरायल और फिलिस्तीन के बीच सीधी बातचीत फिर से शुरू करने के सभी प्रयासों का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

कतर में हिरासत में लिए गए नौसेना कर्मियों का मामला पहुंचा अदालत तक

भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को कतर में हिरासत में लिये जाने के मामला वहां अदालत तक पहुंच गया है। मामले की सुनवाई खाड़ी देश की एक स्थानीय अदालत कर रही है। वहीं, भारत नौसेना कर्मियों की रिहाई के लिए संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने इसे लेकर कहा कि भारत मामले पर कड़ी नजर बनाए हुए है। 

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बागची ने कहा कि मामले को लोक अभियोजन पक्ष द्वारा अदालत में भेजा गया है। पहली सुनवाई 29 मार्च को हुई थी, जिसमें मामले के लिए नियुक्त बचाव पक्ष के वकील और हमारे अधिकारियों ने भी भाग लिया था। उन्होंने कहा कि दोहा में भारतीय दूतावास हिरासत में लिए गए भारतीयों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और आवश्यक कांसुलर और कानूनी सहायता प्रदान कर रहा है।
 

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