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Lok Sabha Elections: हुगली से BJP प्रत्याशी लॉकेट चटर्जी के वाहन पर हमला, टीएमसी पर आरोप; सत्तारूढ़ दल का खंडन

Sun, 07 Apr 2024 02:13 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। स्थानीय टीएमसी नेता ने कहा कि आम लोग निर्वाचन क्षेत्र से उनकी कथित अनुपस्थिति का विरोध कर रहे हैं। टीएमसी का घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 
 
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लॉकेट चटर्जी। - फोटो : वीडियो स्क्रीनग्रैब@ANI
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विस्तार
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हुगली से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार लॉकेट चटर्जी ने आरोप लगाया कि शनिवार को तृणमूल कांग्रेस समर्थकों ने उनके वाहन पर हमला कर दिया है। घटना हुगली जिले के बंसबेरिया में हुई, यहां वे एक धार्मिक समारोह में शामिल होने गई थीं। इस दौरान अचानक कुछ बाहरी लोगों ने गाड़ी पर हमला कर दिया। आम लोग वहां नहीं थे। हमले के बाद अपने सुरक्षाकर्मियों की बदौलत में वहां से सुरक्षित नहीं निकल सकीं। 

चटर्जी ने सुनाई पूरी कहानी
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चटर्जी ने कहा कि हर दिन की तरह कल रात साढ़े नौ बजे मैंने अपना चुनाव प्रचार समाप्त किया।  मैं आदिशक्ति गांव के रास्ते से बंसुरिया की ओर जा रही थी। वहां, काली ताला नाम की एक जगह है, जहां मुझे काली पूजा का निमंत्रण मिला। वहां लोगों से मिलकर मैं वापस जा रही थी। तभी कुछ लोग काले झंडे लेकर आ गए। उन्होंने गोबैक के नारे लगाए। उन्हें मेरी सुरक्षा टीम ने हटाने की कोशिश की। एक व्यक्ति ने मुझे दो बार मारा और कार के अंदर बैठाने की कोशिश की। मेरे ड्राइवर ने उसे धक्का दिया और कार के दरवाजे को बंद कर दिया। हमने पुलिस की जानकारी दे दी है। आरोपी कहां से आए यह न तो स्थानीय लोगों को पता है और न ही स्थानीय लोगों को।

हालांकि, टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। स्थानीय टीएमसी नेता ने कहा कि आम लोग निर्वाचन क्षेत्र से उनकी कथित अनुपस्थिति का विरोध कर रहे हैं। टीएमसी का घटना से कोई लेना-देना नहीं है। 
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हुगली में टीएमसी ने दोस्त को चटर्जी के सामने किया खड़ा
भाजपा की फायरब्रांड प्रत्याशी और हुगली सांसद लॉकेट चटर्जी के सामने इस बार चुनौती कड़ी है। तृणमूल कांग्रेस की रचना बनर्जी सालों से उनकी सहेली हैं, मगर अब चुनावी समर में प्रतिद्वंद्वी हैं। रचना बताती हैं कि लॉकेट के साथ मनोरंजन जगत में उनकी केमेस्ट्री काफी बेहतर रही है। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम भी किया है। सेट पर आपस में अचार बांटकर खाया है। मगर अब सियासी गलियारे में दोनों आमने-सामने हैं, तो विचारों में टकराव होना लाजमी है। रचना भले ही यह कहती हैं कि लॉकेट के लिए उनके मन में अब भी वही प्यार है। वह उन्हें दुश्मन की तरह नहीं देखती, लेकिन चुनावी समर में प्रतिद्वंद्वी से प्रेम एक कोरी परिकल्पना है।

 

ममता ही लाईं, उन्हीं से छीनी हुगली
लॉकेट फिल्म जगत में तो जानी मानी हस्ती थी हीं, बंगाल की राजनीति में भी उनका जबरदस्त जलवा है। 2014 में ममता बनर्जी ही उन्हें सियासत में लेकर आईं और थोड़े समय बाद कुछ नाराजगी के चलते लॉकेट ने भाजपा का दामन थाम लिया। इसके बाद, ममता की पार्टी से हुगली की सीट भी छीन ली। 2019 के चुनाव में लॉकेट ने तृणमूल की डॉ. रत्ना डे को 73,362 वोटों से हराया था। डॉ. रत्ना 2009 व 2014 में हुगली से सांसद थीं।

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