अठारह साल की एक लड़की को घर के सामने रहने वाले दूसरी बिरादरी के लड़के से दोस्ती की सजा जान देकर चुकानी पड़ी। बुधवार की रात को बहन को उसके दोस्त के साथ देखकर दो सगे भाइयों पर खून सवार हो गया। उन्होंने दो तहेरे भाइयों को बुलाया और बहन व उसके दोस्त पर लाठी डंडों से हमला कर दिया। चीखें सुनकर उसके दोस्त के पिता बचाने पहुंचे तो उन को भी पीटा।
मां किसी तरह खून से लथपथ बेटी को बचाकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई। दो पुलिस वाले भी उनके साथ गए, लेकिन अस्पताल में उसे छोड़कर लौट आए। एक घंटे तक डॉक्टर ने जब उसका कोई इलाज नहीं किया तो लड़की की मां उसे ले आई और रेलवे पटरी के पास बैठ गई, जहां कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने चारों भाइयों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
थाना बहेड़ी के इग्रा गांव के भूपराम का कई साल पहले देहांत हो चुका है। उनके चार बेटे और तीन बेटियों में सबसे छोटी की अपने घर के सामने ही रहने वाले दूसरी बिरादरी के नन्हें के बेटे गोकिल से दोस्ती थी। लड़की के भाइयों ने एक बार गोकिल के परिवार वालों से उसके रिश्ते की बात चलाई, लेकिन गोकिल ने शादी करने से मना कर दिया। इससे खफा लड़की के भाइयों ने गोकिल से दूरी बनाने की हिदायत दी और उस पर नजर रखना शुरू कर दिया।
लड़की के भाइयों ने लड़के के पिता को भी नहीं बख्शा
सिपाही अस्पताल में छोड़ आए, डॉक्टरों ने इलाज ही नहीं किया
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बुधवार की रात गर्मी की वजह से लड़की आंगन में सो गई थी। रात करीब डेढ़ बजे उसके भाई रमेश ने गोकिल को बहन के साथ देख कर शोर मचाया। शोर-शराबा होने पर उसका दूसरा भाई भगवान दास पहुंच गया और बाद में तहेरे भाई रामौतार व रामसिंह को भी दोनों ने बुला लिया। उन्होंने गोकिल की लाठी डंडो व लोहे की रॉड से जमकर पिटाई लगाई।
शोरगुल सुनकर गांव के लोग भी पहुंच गये। गोकिल के पिता नन्हें अपने पुत्र को बचाने के लिए दौड़े तो लड़की के भाइयों ने डंडो से उसकी भी पिटाई कर दी। दोनों पिता पुत्र को गांव के लोगों ने छुड़वा दिया। दोनों जान बचाकर बाइक से सीधे थाने चले गए और रमेश व उसके भाइयों के खिलाफ मारपीट करने की एनसीआर दर्ज करा दी। इसके बाद भाइयों ने घर को बंद कर लड़की की लाठी डंडो व लोहे की रॉड से पिटाई करनी शुरू कर दी।
लड़की की चीख सुनकर पड़ोसियों ने पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी। फरीदपुर चौकी से दो सिपाही पहुंच गए। मां लड़की को इलाज के लिए सीएचसी लेकर गई। सीएचसी में रात इमरजेंसी ड्यूटी पर डॉक्टर वीरेश कुमार तैनात थे। सिपाहियों ने उनसे मरीज को भर्ती कर इलाज करने को कहा तो उन्होंने थाने से चिट्ठी मजरूबी लाने को कहा। इसके बाद दोनों सिपाही वहां से चले गये।
चारों भाइयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, फरार
हत्या की जांच
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मृतका की मां शांति देवी का आरोप है कि करीब एक घंटे तक डाक्टर ने उन्हें नहीं देखा तो ढाई बजे रात अस्पताल से वह बेटी को लेकर निकल गई। फिर कुछ ही कदम आगे केसर चीनी मिल रोड रेलवे क्रसिंग के पास सड़क किनारे बिस्तर लगाकर बेटी को लिटा दिया। लड़की ने सड़क पर ही दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतका के दो सगे भाई रमेश व भगवानदास व दो तहेरे भाई रामौतार व राम सिंह के खिलाफ ऑनर किलिंग का मामला दर्ज कर लिया है।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि लड़की के भाइयों ने ही हत्या की है। विवेचना की जा रही है। इसके अलावा और भी कई तथ्य सामने आ रहे हैं। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।