भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या को सुप्रीम कोर्ट में पेश करने की जिम्मेदारी खुद कोर्ट ने गृह मंत्रालय को दे दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मंत्रालय कोर्ट में आकर के सुनिश्चित करें कि वो माल्या को हर हालत में 10 जुलाई को पेश करें।
माल्या इस वक्त लंदन में रह रहें हैं और वहां से उनको भारत वापस भेजने के लिए मुकदमा चल रहा है।
माल्या को सुप्रीम कोर्ट ने अवमानना का दोषी माना है। कोर्ट द्वारा मना करने के बावजूद माल्या ने अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं दिया। इसके साथ ही माल्या ने कर्नाटक हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद ब्रिटिश कंपनी डियागो से मिलें 40 मिलियन डॉलर को अपने तीन बच्चों में बांट दिया था।
माल्या को चुकाने हैं बैंकों के 9,081 करोड़ रुपये
माल्या 2016 में ही भारत छोड़कर लंदन चला गया था। इसके बाद उसने बैंकों के सामने एकमुश्त सैंटलमेंट का प्रस्ताव रखा। माल्या ने 9,081 करोड़ रुपये के बदले बैंकों को 6,868 करोड़ रुपये देने की बात कही, जिसे बैंकों ने ठुकरा दिया। विदेश मंत्रालय ने ब्रिटिश हाई कमिशन को माल्या को भारत को सौंपने का मांग की थी। इसके बाद माल्या को अप्रैल 2017 में गिरफ्तार कर लिया गया था, मगर वो बेल पर रिहा हो गया था।