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कश्मीर में हिंसा पर गृह मंत्रालय ने राज्य से मांगी विस्तृत रिपोर्ट, जारी किया अलर्ट

Sun, 10 Jul 2016 02:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान मुजफ्फर वानी के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद घाटी में बिगड़े हालात पर गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर सरकार से रिपोर्ट मांगी है। गृह मंत्रालय ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए अर्द्धसैनिक बलों को सतर्क किया है।
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अमरनाथ यात्रा रूट की निगरानी के लिए खास बंदोबस्त किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अर्द्धसैनिक बलों को सेना और पुलिस से समन्वय बनाकर ऑपरेशन चलाने के आदेश दिए गए हैं। भारत-पाक अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की आशंका को ध्यान में रखकर अलर्ट जारी किया गया है।

राष्ट्रीय रायफल्स ने मुठभेड़ के बाबत रक्षा मंत्रालय को रिपोर्ट भेज दी है। गृह मंत्रालय को बुरहान वानी के मुठभेड़ में मारे जाने और विरोध में कई स्थानों पर हिंसक प्रदर्शन के बारे में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रारंभिक रिपोर्ट मंत्रालय को मिल गई है।
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सूत्रों के मुताबिक अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा के मुद्दे पर गृह मंत्रालय ज्यादा गंभीर है। पवित्र गुफा की ओर कूच कर चुके यात्रियों के जत्थे रास्ते में जिन स्थानों पर रोके गए हैं वहां सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करने को कहा गया है। पहलगाम और बालटाल के शिविरों की सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। आधार शिविरों के रास्ते में हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर खास एहतियात बरतने के निर्देश सुरक्षा एजेंसियों को दिए गए हैं।
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सीमा परद घुसपैठ के आशंका के चलते अलर्ट जारी

मंत्रालय के पास इनपुट हैं कि बुरहान के मारे जाने के बाद हिजबुल मुजाहिदीन बदले की कार्रवाई के तहत अमरनाथ यात्रा को निशाना बना सकता है। बुरहान वानी आतंक का नया चेहरा था और कई शिक्षित युवा आतंकी उससे भावनात्मक रूप से जुड़े हैं।

इस पोस्टर ब्वॉय ने सोशल मीडिया पर सक्रियता के कारण कश्मीरी युवकों को प्रभावित किया था। लिहाजा उसकी मौत के बाद हिंसक प्रदर्शन और बढ़ने के आसार हैं। लिहाजा सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों ने बताया कि घाटी में जब ऐसे हालात पैदा होते हैं तब पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ की कोशिश बढ़ जाती हैं। नतीजतन बॉर्डर और एलओसी पर बीएसएफ और सेना को अलर्ट किया गया है। कश्मीर के केरन और मछिल सेक्टर के अलावा करनाह और गुरेज सेक्टर में सेना की पेट्रोलिंग बढ़ाया जा रहा है।

जमगाधा, कोकरनाग और बुदुनूमबल के जंगलों में बुरहान के साथियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को बुरहान के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए हैं। इनपुट हैं कि बुरहान वानी कश्मीरी शिक्षित युवकों को 35 हजार रुपये के मासिक वेतन, वर्दी और हथियार का लालच देकर आतंकी संगठन में भर्ती कर रहा था।
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