गृहमंत्रालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश में मेट्रो शहर नशीले पदार्थों के लिए अहम ठिकाने हैं और मुंबई तथा देश के अन्य हिस्सों में इसका संगठित तौर पर संचालन किया जाता है। मंत्रालय ने कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने नशीले पदार्थों की आपूर्ति के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कई लोगों को गिरफ्तार किया है और बड़ी मात्रा में ड्रग जब्त भी किया है।
मंत्रालय ने बयान जारी कर कई कार्रवाइयों का किया जिक्र
गृहमंत्रालय ने कहा कि एनसीबी ड्रग तस्करों के खिलाफ व्यापक पैमाने पर कार्रवाई कर रही है और उनकी कार्यप्रणाली व ठिकानों का पता लगाने के बाद लगातार छापा मार रही है। सटीक जानकारी के आधार पर एनसीबी की एक टीम ने 12 अक्तूबर को महाराष्ट्र में वसई पालघर से एम अहमद नामक व्यक्ति से एक किलो कोकीन और दो किलो पीसीपी (फेंसीक्लीडाइन) जब्त की। पूछताछ के दौरान अहमद ने बताया कि ड्रग किसी एसके सौरभ को दी जानी थी। वह इसे और किसी को बेचता।
खुफिया जानकारी और तकनीकी निगरानी के आधार पर एनसीबी की टीम ने वसई से 13 अक्तूबर को सौरभ को धर दबोचा। 14 अक्तूबर को उसके गोदाम और दुकान से 29.3 किलोग्राम एमडीएम जब्त किया गया। उसने बताया कि यह ड्रग ए खानिवाडेकर और आर खानिवाडेकर का है। ए खानिवाडेकर को भी हिरासत में लिया गया और पूछताछ में उसने बताया कि उसका भाई आर खानिवाडेकर डीआरआई मामले में आरोपी है और मौजूदा समय में जमानत पर है। उसके पास से 483 किलो एफिड्राइन मिली थी। डीआरआई के छापे से पहले उन्होंने ड्रग को सौरभ के गोदाम और दुकान में रख दिया था।
एक अन्य अभियान में एनसीबी जम्मू जोनल यूनिट ने 15 सितंबर को नगरोटा में बन टोल प्लाजा पर 55 पैकेट में पैक करीब 56.4 किलो चरस जब्त की थी। साथ ही दिल्ली निवासी एम गुप्ता, ए गंभीर और सोनिया को गिरफ्तार किया था। एनसीबी ने इनके पास से 1.91 लाख रुपये और एक एक्सयूवी 500 एसयूपी जब्त की। चरस मुंबई के लिए थी और संयुक्त अभियान में मुंबई के फारूक चांदबादशाह शेख को सहयोगी कुर्बान अली के साथ पकड़ा गया था।
तीसरे अभियान में एनसीबी ने मुंबई में अंधेरी वेस्ट में 70 ग्राम मेफेड्रोन के साथ प्रदीप राजाराम साहनी को गिरफ्तार किया। प्रदीप ने खुलासा किया कि वह इस ड्रग का आपूर्ति अंधेरी और जुहू इलाके में कई लोगों को करता था। वह बालाजी टेलीफिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड में चपरासी था। उसके डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क की जांच की जा रही है।